संविधान सभा भाग-2

संविधान सभा की कार्यप्रणाली

संविधान सभा के द्वारा अपनी समस्त कार्य प्रणाली का संपादन 12 अधिवेशन तथा 165 बैठकों के माध्यम से संपन्न किया गया। 

कुछ महत्वपूर्ण बैठक के विषय में जानकारी

प्रथम बैठक - 9 दिसंबर 1946 को प्रथम बैठक हुई इसमें फ्रांस की तरह संविधान सभा के वरिष्ठतम सदस्य डॉ सच्चिदानंद सिन्हा को संविधान सभा का अस्थाई सभापति निर्वाचित किया गया जिनके नाम का प्रस्ताव आचार्य कृपलानी ने रखा था इसलिए आचार्य कृपलानी को संविधान का प्रथम वक्ता माना जाता है डॉ सच्चिदानंद सिन्हा के द्वारा फ्रैंक एंथोनी को उपसभापति मनोनीत किया गया इस दिन संविधान सभा के कुल 211 सदस्य उपस्थित थे। 

दूसरी बैठक - 11 दिसंबर 1946 को दूसरी बैठक हुई जिसमें डॉ राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थाई अध्यक्ष निर्वाचित किया गया डॉ राजेंद्र प्रसाद के नाम का प्रस्ताव आचार्य कृपलानी ने रखा तथा सरदार पटेल के द्वारा इनका समर्थन भी किया गया था।  संविधान सभा के दूसरे सत्र में एच सी मुखर्जी तथा टी कृष्णमाचारी को संविधान सभा का उपाध्यक्ष निर्वाचित किया गया तथा बी एन राव को संवैधानिक सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया इन्होंने वर्मा के संविधान निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी तथा यह भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में नियुक्त होने वाले प्रथम न्यायाधीश भी थे। 

तीसरी बैठक - 13 दिसंबर 1946 को तीसरी बैठक हुई थी इस दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू के द्वारा उद्देश्य प्रस्ताव रखा गया जिसे संविधान सभा के द्वारा 22 जनवरी 1946 को स्वीकार किया गया था तथा यही उद्देश्य प्रस्ताव वर्तमान भारतीय संविधान में प्रस्तावना के रूप में कार्य कर रहा है जहां से संविधान निर्माताओं के आदर्शों तथा लक्ष्यों की अभिव्यक्ति होती है। 

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