मंत्रिमंडल का सामूहिक उत्तरदायित्व

प्रधानमंत्री के अलावा कैबिनेट, राज्यमंत्री व उपमंत्री सामूहिक रूप से मंत्री परिषद कहा जाता है। संविधान में मंत्रिपरिषद के सदस्यों को विभिन्न भागों में वर्गीकृत नहीं किया गया है। इंग्लैंड की पद्धति के आधार पर इसे अनौपचारिक रूप से अपनाया गया है।
=> मंत्रियों के प्रकार
1) कैबिनेट मंत्री
2) राज्य मंत्री
3) उपमंत्री

मंत्री परिषद का यदि कोई व्यक्ति संविधान के विरुद्ध कार्य करता है या कोई गलत कार्य करता है तो उस कार्य के लिए पूरा मंत्रिमंडल जिम्मेदार होता है।

मंत्रिपरिषद का दायित्व दो प्रकार का होता है

 1. व्यक्तिगत और 2. सामूहिक 
 
• व्यक्तिगत उत्तरदायित्व का सिद्धांत अनुच्छेद 75 (2) में वर्णित है जो यह प्रावधान करता है कि मंत्री राष्ट्रपति की इच्छा तक अपना पद धारण करेंगे।

• सामूहिक उत्तरदायित्व का सिद्धांत अनुच्छेद 75 (3) में प्रदान करता है कि मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी
• इसका अर्थ यह है कि किसी मंत्री द्वारा किए गए कार्य के लिए केवल वही मंत्री उत्तरदाई नहीं होगा बल्कि संपूर्ण मंत्रिपरिषद उत्तरदाई होता है।
• यदि किसी एक मंत्री के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है तो उस दशा के संपूर्ण मंत्री परिषद को अपना त्यागपत्र देना होता है। मंत्री चाहे किसी भी सदन से  हो वह सामूहिक  रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदाई होगा परंतु मंत्रियों का व्यक्तिगत उत्तरदायित्व राष्ट्र के प्रमुख या राष्ट्रपति के प्रति होता है।

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