संविधान सभा भाग - 3

समितियों के बारे में जानकारी

संविधान के निर्माण के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया था जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण समितियां निम्नलिखित हैं -

समिति और उनके अध्यक्ष

- प्रारूप समिति / मसौदा समिति /पांडुलेखन समिति - अध्यक्ष डॉ भीमराव अंबेडकर

- संघ शक्ति समिति - अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू

- संघ संविधान समिति - अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू

- प्रांतीय संविधान समिति - अध्यक्ष सरदार पटेल 

- मूल अधिकार तथा अल्पसंख्यकों की समिति - अध्यक्ष सरदार पटेल 

- कार्य संचालन समिति - अध्यक्ष के एम मुंशी

- संचालन समिति - अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद

- नियम समिति - अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद 

- झंडा समिति - अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद

प्रारूप समिति (पांडुलेखन समिति) - संवैधानिक सलाहकार बी एन राव के द्वारा भारतीय संविधान का प्रारूप निर्मित किया गया जिस पर विचार-विमर्श करने के लिए सत्यनारायण सिन्हा की सिफारिश पर 29 अगस्त 1947 को डॉ भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय प्रारूप समिति का गठन किया गया जिसमें निम्नलिखित सदस्य थे - 
- डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ( अध्यक्ष )
- गोपाल स्वामी आयंगर
- मोहम्मद सादुल्ला 
- अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर
- के एम मुंशी
- एन माधवराव
- टी कृष्णामाचारी 

     डॉ भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में गठित प्रारूप समिति का भारतीय संविधान के निर्माण में सर्वाधिक महत्वपूर्ण योगदान रहा है इसलिए डॉ भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक की संज्ञा दी जाती है। 
     
 संविधान सभा में के वी राव ने अंबेडकर के लिए जनक तथा जननी शब्द का प्रयोग किया था। 
 
 डॉ भीमराव अंबेडकर संविधान सभा के प्रारंभ में बंगाल के पूर्वी भाग से चुने गए थे परंतु देश विभाजन के पश्चात अंबेडकर मुंबई प्रेसिडेंसी के पुणे से संविधान सभा के सदस्य निर्वाचित हुए।  

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