भारत का उप - प्रधानमंत्री

उप प्रधानमंत्री
• भारतीय संविधान में उप प्रधानमंत्री के संबंध में कोई प्रावधान नहीं है किंतु राजनीतिक कारणों से समय-समय पर सरकार द्वारा संवैधानिक प्रावधानों से हटकर इस पद का सृजन 7 बार किया गया है।
• पहली बार इस पद का सृजन प्रथम लोकसभा के दौरान पंडित जवाहरलाल नेहरू के द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री नियुक्त करके किया गया था जो 1947 से 1950 तक इस पद पर कार्यरत रहे।
• दूसरी बार इंदिरा गांधी ने 1964 से 1969 में मोरारजी देसाई को प्रधानमंत्री बनाया था।
1977 में सत्ता में आई मोरारजी देसाई सरकार में दो उप प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और चौधरी जगजीवन राम बनाए गए।

• जनता पार्टी से अलग होने के उपरांत जब चौधरी चरण सिंह ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई तब उन्होंने वाई. बी चव्हाण को  उप प्रधान मंत्री बनाया गया।
1989 वी.पी  सिंह सरकार में और 1990 में चंद्रशेखर सरकार में चौधरी देवीलाल को उप-प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया।
• जून 2002 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को उपप्रधानमंत्री पद पर नियुक्त किया।

• संवैधानिक दृष्टि से उप प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के अन्य मंत्रियों की स्थिति में कोई अंतर नहीं है।
• प्रधानमंत्री पद के बाद सरकार में दूसरा स्थान पर उपप्रधानमंत्री ही होता है।
• इसे मंत्रिमंडल के वरिष्ठम मंत्री का दर्जा भी कहा जा सकता है।
• उप प्रधानमंत्री को कोई विशेष अधिकार प्राप्त नहीं है वह केवल प्रधानमंत्री के अनुपस्थिति में उसके कार्यों को करता है।
• प्रधानमंत्री की मृत्यु या पद त्याग के पश्चात उप प्रधानमंत्री उसका पद ग्रहण नहीं करता क्योंकि प्रधानमंत्री की मृत्यु या पद त्याग से मंत्री परिषद का विघटन कर दिया जाता है।

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