रेलवे की एकदिवसीय परीक्षा को ध्यान में रखते हुए भूगोल से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य । भाग -2

1. वृहद हिमालय से निकलने वाली विभिन्न नदियों जैसे यमुना, गंगा, काली, गंडक, कोसी तथा तीस्ता नदियों नें मध्य हिमालय को काटकर अपने घाटी पूर्ववत् बनाए रखा इसलिए यह मध्य तथा शिवालिक हिमालय की पूर्ववर्ती नदियां कहलाती हैं ।


2. शिवालिक की उत्पत्ति के समय अरावली दिल्ली कटक ऊपर उठा जिससे इंडो- ब्रह्म नदी का मार्ग अवरुद्ध हो गया ।


3. सिंधु की सहायक नदियों में - झेलम, चिनाब, रावी, व्यास, सतलज, जास्कर, गोमल, द्रास, श्योक, शिगार, कुर्रम, काबुल तथा गिलगिट सम्मिलित हैं ।


4. सिंधु नदी तिब्बत के मानसरोवर झील के निकट स्थित चेमायुंगडुंग ग्लेशियर से निकलती है । इसकी लंबाई 2880 किलोमीटर है । इसका फैलाव 11.65 लाख वर्ग किलोमीटर है ।


5. सिंधु नदी की बाईं ओर से मिलने वाली नदियों में पंजाब की पांच नदियां सतलज, व्यास, रावी, चिनाब और झेलम सबसे प्रमुख है ।


6. गोखुर झीलें उत्तर भारत के मैदानी भागों में पाई जाती हैं।


7. 2.5 मिलियन वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले तिब्बत पठार से निकलने वाली प्रमुख नदियां कुछ इस प्रकार हैं -यांग्त्जी नदी, पीत नदी, सिंधु नदी, सतलज नदी, ब्रह्मपुत्र मेंकांग एवं इरावती नदी ।


8. प्लीस्टोसीन काल में माल्दा गैप द्वारा राज महल पहाड़ियां और मेघालय पठार अलग हुए ।


9. हिमाचल प्रदेश में चिनाब नदी को चंद्र भागा नाम से जाना जाता है।


10. सिंधु तंत्र की झेलम नदी शेषनाग झील से निकलकर बुलर झील में मिलती है ।

    

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