न्यूटन के गति का तीसरा नियम

C.)तीसरा नियम
इस नियम को क्रिया-प्रतिक्रिया (action - reaction) का नियम कहते हैं। इस नियम के अनुसार प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। क्रिया प्रतिक्रिया दो अलग-अलग वस्तुओं या पिंडों पर काम करते हैं।
• क्रिया प्रतिक्रिया बल पिंड पर एक साथ कार्य करते हैं और यह निर्धारण करना कि कौन क्रिया बल है और कौन प्रतिक्रिया बल है, कठिन है।


उदाहरण
1. बंदूकक से गोली चलाने पर चलाने वाले को पीछे की ओर धक्का लगता है

–बंदूक का ट्रिगर दबाने पर बारूद की गैस बन जाती है जो कि फैलने के कारण गोली को बहुत तेजी से आगे की ओर फेंक देती है। गोली भी इस गैस पर उतना ही परंतु विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया बल  लगाती है, जिससे बंदूक चलाने वाले को पीछे की ओर धक्का लगता है।

2. राकेट (rocket) :- रॉकेट में किसी ज्वलनशील पदार्थ को जलाकर गैसें पैदा की जाती है जो बहुत तेज वेग से एक जैट के रूप में निकलती हैं। यह गैसें रॉकेट पर ऊपर की ओर प्रतिक्रिया बल लगाती हैं, जिससे राकेट ऊपर उठ जाता है। गैस के जेट का वेग जितना अधिक होता है राकेट भी ऊपर की उतने ही वेग से उठता है।

3. जेट हवाई जहाज (jet aeroplane) :- इसमें भी विस्फोटक के द्वारा गैस को जेट के रूप में पीछे की ओर छोड़ा जाता है। गैस हवाई जहाज पर प्रतिक्रिया पर लगाकर उसे आगे बढ़ाती है, जिससे हवाई जहाज तीव्र वेग से आगे की ओर चलता है।

राकेट तथा जेट प्लेन में मुख्य अंतर यह है कि राकेट में ईंधन को जलाने के लिए अंदर ही ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है जबकि जेट प्लेन में इंधन केरोसिन होता है, जिसे जलाने के लिए वायुमंडल से ऑक्सीजन प्राप्त की जाती हैं। इसी लिए जेट प्लेन को राकेट के समान अधिक ऊंचाई तक नहीं ले जाया जा सकता है क्योंकि वहां वायुमंडल नहीं होने के कारण ऑक्सीजन नहीं प्राप्त हो सकेगी।

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