प्रथम विश्व युद्ध के कारण-2

३- फ्रांस- जर्मन वैमनस्य- 1871 ईसवी में जर्मनी ने फ्रांस को हराकर अल्सास- लोरेन का क्षेत्र अपने कब्जे में कर लिया। इस घटना से फ्रांस जर्मनी की शत्रुता बढ़ गई।
फ्रांस अपनी शर्मनाक पराजय का बदला लेने के लिए तत्पर था यह बदले की भावना भी प्रथम विश्व युद्ध का कारण बनी।
4- उग्र राष्ट्रीयता की भावना- प्रथम विश्व युद्ध के पूर्व अधिकांश शक्तिशाली राष्ट्र अपने हित के लिए इतने अंधे हो गए कि उन्हें उचित-अनुचित का ध्यान ही नहीं रहा। वे परस्पर एक-दूसरे को पीछे छोड़ देने के लिए तत्पर थे । उनकी उग्र राष्ट्रीयता की भावना ने विश्वयुद्ध का मार्ग प्रशस्त कर दिया।
6- बाल्कन समस्या
7-मोरक्को संकट- प्रथम विश्व युद्ध के पूर्व यूरोप में कई ऐसी घटनाएं हुई जिनके कारण तनाव चरम पर पहुंच गया। इनमें से एक था मोरक्को को लेकर फ्रांस और ब्रिटेन के बीच टकराव। इस टकराव को समाप्त करने के लिए ब्रिटेन और फ्रांस ने 1984 में एक समझौता किया।इस समझौते के आधार पर ब्रिटेन को मिश्रा और फ्रांस को मोरक्को मिल गया किंतु जर्मनी इस समझौते से रुष्ट हो गया । इस समझौते के विरोध में जर्मन सम्राट मोरक्को गया और वहां के सुल्तान को मोरक्को की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए पूरा समर्थन देने का वचन दिया।इससे जर्मनी और फ्रांस में तनाव बड़ा , किंतु 1911 ईस्वी में फ्रांस ने जर्मनी को कांगो का एक बड़ा भाग देकर तनाव को समाप्त तो कर दिया किंतु जर्मनी और फ्रांस मोरक्को पर आधिपत्य स्थापित करने के प्रश्न पर भावी युद्ध की तैयारी में संलग्न हो गए।
8-सैनिक तैयारियां- आपसी वैमनस्य एवं प्रतिस्पर्धा के कारण शक्ति संपन्न राष्ट्र एक दूसरे से भयभीत होकर सैनिक तैयारियों में जुट गए। साथ ही आपस में सैनिक संधि भी करने लगे। अतः सैनिक तैयारियों ने भी प्रथम विश्व युद्ध में आग में घी डालने का काम किया।
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