23 फरवरी2007 को इस अयोग का गठन किया गया।
29 दिसंबर 2006 को संसद द्वारा अधिसूचित विधि के अंतर्गत यह एक वैधानिक निकाय है इस आयोग की तर्ज पर राज्य में भी बाल अधिकार संरक्षण आयोग स्थापित किए जाने का प्रावधान है राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में है ।
इस आयोग का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आतंकवाद ,सांप्रदायिक हिंसा, दंगा घरेलू हिंसा एचआईवी ऐड्स , वेश्यावृति तथा कुपोषण से संरक्षित करना है इसके मुख्य कार्य हैं बच्चों से जुड़ी शिकायतों की जांच करना बाल अधिकारों के क्षेत्र में अनुसंधान करना बच्चों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं अंतरराष्ट्रीय संधियों बच्चों के अधिकारों संबंधी संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार कन्वेंशन का अनुमोदन किया है .
और विद्यमान नीतियों की समीक्षा कर रहे हित में उन्हें लागू करने की सिफारिश करना।
गरीब बेसहारा बच्चों के अधिकारों से संबंधित मामलों पर ध्यान देना करना तथा केंद्र अथवा राज्य का निरीक्षण करना इस आयोग 3 वर्ष किंतु 65 वर्ष तथा 60 वर्ष नहीं होगा साथ ही अध्यक्ष अध्यक्ष और सदस्य गण पुनः नाम निर्देशन के पात्र होंगे। यह आयोग बच्चों संबंधी अभी समय के अनुपालन आदि पर सर्वोच्च वैधानिक अधिकार प्राप्त निकाय है आयोग को यह अधिकार प्राप्त होगा कि आवश्यकता पड़ने पर वह किसी भी व्यक्ति को समन सकता है ।
साथ ही किसी भी दस्तावेज को पुनः ले कर सकता है इसके अतिरिक्त किसी भी कार्यालय का न्यायालय से रिकॉर्ड आदि मांग सकता है ।