18 जनवरी 1919 ईस्वी को सम्मेलन की कार्यवाही प्रारंभ हुई ।फ्रांस के प्रधानमंत्री एवं इस सम्मेलन के अध्यक्ष क्लीमेंसो के अड़ियल रवैये के कारण जापान और इटली सम्मेलन से अलग हो गए। विश्व में स्थाई शांति की स्थापना के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने 14 सिद्धांतों को प्रस्तुत किया, किंतु ब्रिटिश प्रधानमंत्री लायड जार्ज और फ्रांस के क्लीमेंसो की हठधर्मिता के कारण यह सिद्धांत उपेक्षित हो गए।
14 सिद्धांत निम्न थे-
१- संधियां गुप्त ना की जायं।
२- समुद्रों की स्वतंत्रता सभी राष्ट्र स्वीकार करें
३- सभी राष्ट्र निशस्त्रीकरण करें
४-अंतरराष्ट्रीय व्यापार की कठिनाइयां दूर की जाएं
५-औपनिवेशिक देशों की जनता की इच्छा का ध्यान रखा जाए
६-रूस को विकास का अवसर दिया जाए
७-जर्मनी बेल्जियम का क्षेत्र खाली करें
८-जर्मनी फ्रांस का क्षेत्र खाली करें
९- इटली की सीमाएं राष्ट्रीयता के आधार पर निर्धारित हो।
१०-ऑस्ट्रिया हंगरी में स्वायत्त शासन स्थापित किया जाए ।
११-रुमानिया ,सरबिया और मोंटीनीग्रो से सेनाएं हटा ली जाएं।
१२-टर्की प्रदेशों की संप्रभुता सुरक्षित रखी जाए।
१३-पोलैंड को समुद्र तट तक जाने का मार्ग दिया जाए ।१४- लीग ऑफ नेशंस राष्ट्र संघ की स्थापना की जाए
इस सम्मेलन में संघ की शर्तें विजेता व पराजित देशों के बीच बातचीत से तय नहीं की गई बल्कि विजेता राष्ट्रों द्वारा पराजित राष्ट्रों पर थोपी गई।