क्रमशः..
Day - 35
- ‘हम भारत के लोग’ का अर्थ यह है कि संविधान को भारतीयों ने स्वयं बनाया है तथा स्वयं ही स्वीकार किया है। अतः संविधान सभा सम्प्रभुता प्राप्त है। इससे पहले 1935 का अधिनियम और उसके पूर्ववर्ती अधिनियम ब्रिट्रेन ने पारित किए थे।
- ‘हम भारत के लोग’ शब्दों से यह भी प्रदर्शित होता है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है। अतः यहाँ कोई आनुवांशिक शासक नहीं होगा बल्कि जनता अपनी सरकार स्वमं चुनेगी। विधान मंडल निर्वाचित होंगे और देश का राष्ट्रपति भी निर्वाचित होगा।
- उद्देशिका में जनता की भावनाएं और आकांक्षाए सूक्ष्म रूप में समाविष्ट हैं। संविधान के निर्माताओं के विचारों को जानने के लिए प्रस्तावना एक कुंजी है। इसमें उन उद्देश्यों का कथन है जिन्हें संविधान स्थापित करना चाहता है और आगे बढ़ाना चहता है।
- उद्देशिका संविधान के विधिक निर्वचन में सहायक है इसके दो मुख्य प्रयोजन हैं –
- इससे यह प्रकट होता है कि संविधान के प्राधिकार का स्रोत क्या है।
- इसमें वे उद्देश्य प्रतिष्ठित हैं जिन्हें संविधान स्थापित करना और आगे बढ़ाना चाहता है।
- भारतीय संविधान की रचना जिन उद्देश्यों को लेकर की गई है उनका विवरण भारतीय संविधान की प्रस्तावना में किया गया है।
- भारतीय संविधान की प्रस्तावना संविधान की आत्मा कही जाती है।
- प्रस्तावना को संविधान में कोई विधिक महत्व नहीं प्रदान किया गया था किन्तु ‘केशवाननन्द भारती बनाम केरल राज्य (1973)’ के मामले में उच्चतम न्यायालय ने यह अभिनिर्धारित किया कि प्रस्तावना संविधान का एक भाग है।
जारी..
मिलते है हम अगले दिन, भारतीय संविधान की प्रस्तावना या उद्देशिका विषय पर फिर आगे चर्चा करने के लिये..