संविधान की अनुसूचियां

पहली अनुसूची - इसका संबंधी विभिन्न राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के नाम उनकी सीमाओं तथा न्याय क्षेत्र से है। 

दूसरी अनुसूची - इसका संबंध विभिन्न पदाधिकारियों के वेतन तथा भत्तों से है। 

तीसरी अनुसूची - इसका संबंध पदाधिकारियों की शपथ से है लेकिन राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति तथा राज्यपाल इसके अंतर्गत शपथ ग्रहण नहीं करते हैं। 

चौथी अनुसूची - इसके अंतर्गत विभिन्न राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में राज्यसभा में प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया है। 

पांचवी अनुसूची - इसका संबंध अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन तथा उनके नियंत्रण से है। 

छठी अनुसूची - इसके अंतर्गत असम, मेघालय, त्रिपुरा तथा मिजोरम के जनजाति क्षेत्रों का प्रशासन एवं नियंत्रण किया जाता है। 

सातवीं अनुसूची - इसके अंतर्गत केंद्र तथा राज्यों के बीच संघ सूची , राज्य सूची तथा समवर्ती सूची के माध्यम से शक्तियों का विभाजन किया गया है। 

आठवीं अनुसूची - इसके अंतर्गत प्रारंभ में 14 भाषाओं तथा वर्तमान में 22 भाषाओं को मान्यता प्रदान की गई है। 

नौवीं अनुसूची - प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम 1951 के माध्यम से नौवीं अनुसूची को संविधान में जोड़ा गया जिसका संबंध भूमि सुधार तथा जमीदारी प्रथा की समाप्ति से है। 

दसवीं अनुसूची - 52 वें संविधान संशोधन अधिनियम 1985 के माध्यम से दसवीं अनुसूची को संविधान में जोड़ा गया जिसका संबंध दलबदल पर रोक लगाने से है। 

ग्यारहवीं अनुसूची - 73वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992 के माध्यम से 11वीं अनुसूची को संविधान में जोड़ा गया जिसका संबंध पंचायती राज संस्थाओं से है। 

बारहवीं अनुसूची - 74 वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992 के माध्यम से 12 वीं अनुसूची को संविधान में जोड़ा गया जिसका संबंध है नगरीय प्रशासन से है। 

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