भारतीय राजनीतिक मंच पर आने से पहले गांधीजी 1893 में दादा हाजी एंड अब्दुल्लाह कंपनी का मुकदमा लड़ने दक्षिण अफ्रीका के नेटाल सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत होने वाले प्रथम भारतीय थे। दक्षिण अफ्रीका में गांधी जी 1 वर्ष के लिए गए थे लेकिन परिस्थिति बस उन्हें अपने जीवन के 21 वर्ष बिताने पड़े दक्षिण अफ्रीका में उन्होंने अत्याचार अन्याय और भेदभाव को देखा वहां के अंग्रेजी सरकार द्वारा वहां के निवासियों के त्वचा के रंग और बालों के बनावट के आधार पर हो रहे नस्ली भेदभाव और शोषण का अहिंसात्मक तरीके से विरोध किया।
दक्षिण अफ्रीका में गांधी जी के महत्वपूर्ण कार्य -
- 1894 में गांधी जी ने नेटाल भारतीय कांग्रेस का गठन किया।
- इंडियन ओपिनियन नामक अखबार निकाला और यह अखबार 4 भाषाओं तमिल, हिंदी , अंग्रेजी और गुजराती में साप्ताहिक रूप से प्रकाशित करवाया।
- 1904 में डरबन से 84 मील दूरी पर फिनिक्स आश्रम की स्थापना की ।
- 1906 में गांधी जी ने सर्वप्रथम पंजीकरण कानून के खिलाफ सत्याग्रह आंदोलन चलाया।
- 1909 में इंग्लैंड से दक्षिण अफ्रीका आते समय हिंद स्वराज नामक पुस्तक गुजराती भाषा में लिखी गई जिसमें स्वराज की व्याख्या तथा मशीनीकरण और ब्रिटिश पार्लियामेंट की आलोचना की गई थी।
- 1910 में जोहांसबर्ग में गांधी जी ने टॉलस्टॉय फार्म की स्थापना की इसमें उनकी मदद उनके जर्मन मित्र ने की थी।
- गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका में एकमात्र इसाई विधि से होने वाले विवाहों को वैध मानने संबंधी आदेश का विरोध किया और इसके लिए सविनय अवज्ञा सत्याग्रह चलाया बाद में इस आंदोलन में सफलता भी प्राप्त की।
- 1912 में गोपाल कृष्ण गोखले ने दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया उसी दौरान गांधी जी ने गोखले से कई प्रकार की सामाजिक , राजनीतिक शिक्षा प्राप्त की तथा उन्हें अपना राजनीतिक गुरु बनाया।