सन 1917 ईस्वी की रूसी क्रांति विश्व इतिहास की एक युगांत तकारी महत्वपूर्ण घटना थी। इसने न केवल रूस के निरंकुश रोमानो वंश के शासन को समाप्त किया अपितु पूरे विश्व की सामाजिक आर्थिक व्यवस्था को प्रभावित किया। इस क्रांति के निम्नलिखित परिणाम हुए--
(1) निरंकुश शासन का अंत--- रूसी क्रांति की पहली उपलब्धि-- निरंकुश शासन की समाप्ति थी। अभिजात वर्ग तथा चर्च की शक्ति का भी विनाश कर दिया। जार निकोलस द्वितीय तथा उसके वंश के सदस्यों को मार डाला गया।
(2) प्रथम समाजवादी समाज का निर्माण--- रूस में जार के साम्राज्य को एक नए राज्य सोवियत समाजवादी गडर राज्यों के संघ का रूप दे दिया गया। इस क्रांति के बाद सत्ता में आई नई सरकार ने कार्ल मार्क्स के सिद्धांतों को कार्य रूप में परिणत कर दिया। इस नए राज्य की नीतियों का उद्देश्य था प्रत्येक व्यक्ति से उसकी क्षमता के अनुसार काम लिया जाए और प्रत्येक को उसके काम के अनुसार मजदूरी दी जाए। इस उद्देश्य से उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया गया। निजी लाभ की भावना को उत्पादन व्यवस्था से निकाल देना भी समाज का उद्देश्य था।
(3) आर्थिक नियोजन-- नई सरकार के सामने पहला कार्य तकनीक की दृष्टि से एक उच्च अर्थव्यवस्था का निर्माण करना था। इसके लिए आर्थिक नियोजन की विधि अपनाई गई। 19वीं शताब्दी में यूरोप का आर्थिक विकास पूंजी पतियों की पहल का परिणाम था, परंतु रूस में पंचवर्षीय योजनाओं द्वारा औद्योगिकीकरण किया गया। इन योजनाओं के अंतर्गत तीव्र गति से आर्थिक विकास के लिए अर्थव्यवस्था के सभी साधन जुटाए गए और आर्थिक विकास का उद्देश्य सामाजिक आर्थिक समानता प्राप्त करना निश्चित कर दिया गया।