अर्थशास्त्र (Economics)
अर्थशास्त्र का शाब्दिक अर्थ धन का विज्ञान होता है। अर्थशास्त्र के जनक एडम स्मिथ ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'The Wealth of Nations' में जिसका प्रकाशन 1776 ई0 में किया गया था में अर्थशास्त्र को धन का विज्ञान कहा है।
अर्थशास्त्र एक ऐसा विषय है जिसके अन्तर्गत हम यह सीखते हैं कि सीमित संसाधनों का कुशलतम प्रयोग करके किस प्रकार किसी देश का विकास किया जा सकता है।
अर्थात् किसी देश का विकास करने के लिए वस्तुओं एवं सेवाओं का उत्पादन, वितरण तथा उपभोग किस प्रकार किया जाय कि अधिक से अधिक विकास हो।
सीमित संसाधनों का कुशलतम प्रयोग करना ही अर्थशास्त्र है।
अर्थशास्त्र के प्रकार-
1. सूक्ष्म अर्थशास्त्र या व्यष्टि अर्थशास्त्र
(Micro Economics)
2. वृहत अर्थशास्त्र या समष्टि अर्थशास्त्र
(Macro Economics)
1. सूक्ष्म अर्थशास्त्र या व्यष्टि अर्थशास्त्र (Micro Economics)- ऐसा अर्थशास्त्र जिसके अन्तर्गत अर्थव्यवस्था के सबसे छोटी इकाई के विकास का अध्ययन किया जाता है, उसे व्यष्टि अर्थशास्त्र कहा जाता है। इसके अन्तर्गत तीन अवयवों को शामिल किया जाता है।
(i) उत्पादन (उत्पादक व्यवहार सिद्धान्त)
(ii) उपभोग (उपभोक्ता व्यवहार सिद्धान्त)
(iii) कीमत निर्धारण सिद्धान्त
2. वृहत अर्थशास्त्र या समष्टि अर्थशास्त्र (Macro Economics)-ऐसा अर्थशास्त्र जिसके अन्तर्गत सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था के विकास का अध्ययन किया जाता है, उसे समष्टि अर्थशास्त्र कहा जाता है। जैसे-बजट, योजना, नीतियाँ, गरीबी, बेरोजगारी, मुद्रास्फीति, मुद्राअवस्फीति, बैंकिग इत्यादि।