भारतीय रिजर्व बैंक के द्वारा विश्व भर में बैंकों द्वारा विदेशी मुद्रा के स्थानांतरण में प्रयोग होने वाली स्विफ्ट प्रणाली में वर्णित निर्देशों का पालन न करने पर आधे दर्जन सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंकों पर आर्थिक दंड लगाया गया है।
यह एक सहकारी संस्था है जिसमें विश्व के कई देश सदस्य के रूप में शामिल हैं इसका मुख्यालय बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में है इस संगठन की स्थापना 1973 में 15 देशों के 239 बैंकों के एक समूह ने की थी।
इसके अंतर्गत एक मानवीयकृत कोड़ों की प्रणाली होती है जिसके अंतर्गत प्रत्येक वित्तीय संगठन के पास एक यूनिक
कोड होता है जिसका उपयोग व भुगतान भेजने और लेने में करता है।
इसका मुख्य उद्देश्य एक सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक संदेश सेवा विकसित करना है तथा सीमा पर भुगतान की सुविधा के लिए सर्व सामान्य मानव को लागू करना है जिसके माध्यम से प्रतिदिन लगभग 26 मिलियन वित्तीय संदेशों का आदान प्रदान किया जाता है इस संदेश सेवा का लाभ प्राप्त करने के लिए ग्राहक को इस संदेश सेवा से जुड़ना होता है।
देश के शीर्षस्थ सार्वजनिक एवं निजी प्रक्षेत्र के बैंकों और स्विफ्ट द्वारा एक संयुक्त उपक्रम स्विफ्ट इंडिया का गठन किया गया है जिसका मुख्य उद्देश्य भारत के वित्तीय समुदाय को घरेलू वित्तीय संदेश के आदान-प्रदान की उच्च कोटि की सेवा प्रदान करना है।
स्विफ्ट के माध्यम से केवल संदेशों का हस्तांतरण किया जाता है किसी भी धनराशि का हस्तांतरण इसके माध्यम से नहीं किया जाता है इसके लिए स्विफ्ट भुगतान आदेश भेजता है जिसके आधार पर संबंधित प्रतिष्ठान एक दूसरे के खातों के माध्यम से आगे की कार्यवाही को पूरा करते हैं।
स्विफ्ट के द्वारा भेजा गया संदेश सुरक्षित होता है , स्विफ्ट एक बैंक से दूसरे बैंक तक संदेश ले जाता है जिससे यह एक सुरक्षित वित्तीय संदेश वाहक है क्योंकि इसके माध्यम से एक बैंक यदि दूसरे बैंक को संदेश देता है तो इस आदान-प्रदान की जानकारी किसी तीसरे बैंक को नहीं प्राप्त हो पाती है।