द्वितीय विश्व युद्ध की महा विनाश लीला के चिन्ह आज भी जापान के नागासाकी और हिरोशिमा में दृष्टिगोचर हो रहे हैं। यह एक महा विनाशकारी युद्ध था। जिसके निम्न परिणाम हुए-
अपार जन धन की क्षति:- इस महायुद्ध में जनधन की अपार हानि हुई। लगभग 5 करोड लोग कालकवलित हुए तथा करोड़ों लोग घायल हुए अथवा अपंगता के शिकार हो गए। अरबो पाउंड की संपत्ति नष्ट हुई।बाल्टिक सागर से काले सागर तक का संपूर्ण क्षेत्र विनष्ट हो गया। यूरोप के अधिकांश गांव व नगर ध्वस्त हो गए। लोग भूख की पीड़ा से तड़प तड़प कर मर गए। इस युद्ध में हुई अपार क्षति का अनुमान लगाना असंभव नहीं तो कठिन अवश्य है।
अमानवीय व्यवहार:- इस युद्ध में अमानवीय कृत्य और दरिंदगी की सीमा नहीं रही। लोग एक दूसरे राष्ट्र के युद्ध बंदियों के साथ क्रूरता पूर्ण व्यवहार करने से बिल्कुल विचलित नहीं हुए।
साम्यवाद का प्रसार:- द्वितीय विश्व युद्ध की परिस्थितियों एवं सोवियत रूस के प्रभाव के कारण साम्यवादी प्रसार बड़ी तीव्र गति से हुआ। यूरोप में रोमानिया हंगरी, बुलगारिया,युगोस्लाविया, पोलैंड आदि में साम्यवादी सरकार ने स्थापित हुई।
अस्त्र-शस्त्र की प्रतिस्पर्धा प्रारंभ:- परमाणु अस्त्रों की भयंकर विनाश लीला को देखकर संसार में इस घातक अस्त्र के निर्माण और संग्रह की होड़ लग गई।