उत्तर प्रदेश में परिवहन के तीन मुख्य साधन (सड़क, रेल, वायु ) और एक गौण साधन है। जिनमें से परिवाहन, रेल, जल एवं वायु परिवाहन के पूरक होने के कारण इसके विकास पर अधिक बल दिया जाता है। यात्री एवं सामान दोनों ही दृष्टि से सड़क यातायात का कुल यातायात में प्रतिशत बहुत तेजी से बढ़ रहा है। आज कुल यातायात में सड़क यातायात का भाग 70% से भी अधिक है।
*परिवहन के मुख्य साधन
उत्तर प्रदेश में परिवाहन के मुख्य साधन निम्न है
*सड़क परिवाहन--
- उत्तर प्रदेश में पहली बस सेवा का शुभारंभ 15 मई 1947 को लखनऊ से बाराबंकी के मध्य हुआ।
- उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम का गठन 1 जून 1972 को किया गया। निगम का मुख्यालय लखनऊ में स्थित है। प्रदेश में इसके कुल 20 क्षेत्र है।
- राज्य की मार्ग विकास नीति की घोषणा वर्ष 1998 में की गई तथा राज्य के 1000 से अधिक आबादी वाले ग्रामों को वर्ष 2005 तक तथा 1000 से कम आबादी वाले गांवों को वर्ष 2000 तक बारहमासी मार्गो द्वारा जोड़ने का संकल्प राज्य सरकार द्वारा दिया गया।
- राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 6685 किलोमीटर थी। राज्य में भारतीय परिवहन प्रबंधन संस्थान की स्थापना 31 जनवरी 2001 को लखनऊ में की गई।
- राज्य में एक्सप्रेसवे निर्माण हेतु उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन का गठन किया गया है।