उत्तर प्रदेश में खनिज संसाधन

*उत्तर प्रदेश में खनिज संपदा की खोज करके उसको विकसित करने एवं उस पर आधारित उद्योग स्थापित करने के उद्देश्य से भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की स्थापना 1955 में की गई थी।

* खनन प्रशासन को प्रदेश से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न जिलों में क्वेरी कार्यालय स्थापित किए गए हैं। खनिज की दृष्टि से उत्तर प्रदेश एक निम्न श्रेणी का राज्य है। 

* प्रमुख खनिज का विवरण निम्न प्रकार है---

1.चूना पत्थर---

*चूना पत्थर का उपयोग सीमेंट बनाने के लिए किया जाता है चुना पत्थर के संचित भंडार की दृष्टि से प्रदेश का देश में दूसरा स्थान है मिर्जापुर जिले में स्थित फैक्ट्रियों के लिए विंध्यांचल क्षेत्र मैं स्थित कजरा हर तथा रोहतास नामक स्थानों से उच्च श्रेणी के चुना पत्थर का उपयोग सोडा एश कैल्शियम चाइना माइक आदि के लिए भी किया जाता है।

2. डोलोमाइट

* मिर्जापुर जिले के कजरा हर क्षेत्र में यह पत्थर पाया जाता है बांदा जिले में भी डोलोमाइट पत्थर मिलता है

इसका प्रयोग इस्पात उद्योग पोर्टलैंड सीमेंट प्लास्टर ऑफ पेरिस तथा गंधक का तेजाब बनाने में भी होता है।

3.सोना

* सोना मुख्य रूप से शारदा और रामगंगा नदियों के रेत में पाया जाता है। इस बहुमूल्य धातु का उपयोग कांच की चूड़ी को चमकीला बनाने में आभूषण को बनाने में औषधियां बनाने में फोटोग्राफी तथा इलेक्ट्रो प्लेटिंग में किया जाता है।

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