सहकारी बैंक-भारत में सहकारी बैंक की स्थापना स्वतंत्रता से पूर्ण की जानी शुरू हो गयी थी इसका प्रमुख कार्य लोगों की छोटी-छोटी बचतों को संचित करके उनका विकास करना है। यह ग्रामीण तथा शहर दोनों स्तरों पर विकास को प्रोत्साहित करता है। इसके अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे ऋण।
जैसे-खाद्य, बीज, कीटनाशक, ट्रेक्टर तथा अन्य मशीनरी ऋण, इसके साथ-साथ पशुपालन, मत्स्यपालन, मुर्गीपालन आदि क्षेत्रों में ऋण प्रदान किया जाता है, तथा शहरी क्षेत्रो में कुटीर उद्योग हेतु, दुकान हेतु तथा अन्य छोटे-छोटे उद्योगों के लिए ऋण प्रदान किया जाता है।
सहकारी बैंक तीन स्तरों पर कार्य करता है राज्य, जिला तथा स्थानीय सहकारी बैंक।
भारतीय लद्यु उद्योग एवं विकास बैंक
(Smell Industrial Development of Bank of India)
भारत में लघु एवं सूक्ष्म उद्योग को प्रोत्साहित करने हेतु 2 अप्रैल 1990 में भारतीय लघु उद्योग एवं विकास बैंक की स्थापना की गयी।
इसका मुख्यालय लखनऊ में स्थापित है। वर्तमान समय में सूक्ष्म एवं लघु उद्योग सम्बन्धी सभी निर्देशन एवं नियंत्रण SIDBI के द्वारा किया जाता है।
NABARD राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक-
कृषि से सम्बन्धित सम्पूर्ण निर्णय एवं निर्देशन हेतु शिवशरन समिति की सिफारिश के आधार पर 12 जुलाई 1982 को राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक की स्थापना की गयी।
NABARD का मुख्यालय मुम्बई में स्थापित है।