उत्तर प्रदेश मुख्य तीन प्रकार की फसलें पाई जाती है
1 रबी की फसल
* इन फसलों को शीत ऋतु में अक्टूबर से दिसंबर के मध्य को जाता है तथा फरवरी से अप्रैल के मध्य में कर लिया जाता है।
*प्रमुख फसल-- गेहूं चना मटर मसूर अलसी तंबाकू सरसों एवं आलू आदि फसलें है।
*गेहूँ--- गेहूं उत्पादन में उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है राज्य के सर्वाधिक क्षेत्र में गेहूं की खेती की जाती है।
* उत्तरी पर्वतीय ओम दक्षिणी पठारी क्षेत्रों को छोड़कर राज्य में लगभग सभी क्षेत्र में गेहूं की खेती की जाती है ।गेहूं के लिए 50 से 75 सेंटीमीटर वर्षा तथा वह किस मदद से 15 सेंटीग्रेड तापमान की आवश्यकता होती है।
* गेंहू उत्पादन क्षेत्र गंगा यमुना एवं गंगा का हत्यारा दोआब है।
* राज्य के पूर्वी उत्तरी पूर्वी जिलों में वर्षा की अधिकता के कारण गेहूं का उत्पादन कम होता है। राज में सर्वाधिक गेहूं का उत्पादन गोरखपुर जिले में होता है।
2. चना--
* इसकी खेती राज्य के उन क्षेत्रों में की जाती है जहां हल्की तोमर तथा शुष्क मिट्टी पाई जाती है चने के लिए वर्षा 30 से 50 सेंटीमीटर तथा बुवाई के समय 15 से 25 सेंटीग्रेड तापमान होना चाहिए।
* इसके प्रमुख उत्पादक जिले बांदा हमीरपुर झांसी ललितपुर जालौन मिर्जापुर सोनभद्र कानपुर फतेहपुर सीतापुर बाराबंकी इलाहाबाद एवं आगरा है।
3. अरहर--
* इसकी खेती मुख्य तावड़ा से झांसी ललितपुर इलाहाबाद लखनऊ आदि जिलों में की जाती है।
4. सरसों--
* सरसों उत्पादन में उत्तर प्रदेश का देश में दूसरा स्थान है प्रदेश में सरसों की खेती स्वतंत्र रूप में या गेहूं मर्डर और जो के साथ मिश्रित रूप में की जाती है।
* इसके प्रमुख उत्पादक जिला गोंडा बहराइच मिर्जापुर सोनभद्र कानपुर सीतापुर सहारनपुर एटा मेरठ फैजाबाद इटावा सुल्तानपुर मथुरा अलीगढ़ बुलंदशहर हैं।