यह अध्याय आधुनिक भारत के इतिहास में अति महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस अध्याय में मैंने गवर्नर जनरल तथा वॉयसराय के साथ -साथ 1828 से लेकर 1948 तक कि उन सभी घटनाओं को सम्मलित किया है, जो परीक्षा की दृस्टि से महत्वपूर्ण है। अतः इस अध्याय में लगभग पूरा आधुनिक भारत का इतिहास सिमटा हुआ है।
लार्ड विलियम बेंटिक ( 1828-35 ई० )
- 1833 ई० में चार्टर एक्ट पारित जिसके अंतर्गत बंगाल के गवर्नर जनरल को अब भारत का गवर्नर जनरल कहा जाने लगा।
- बंगाल का अंतिम व भारत का प्रथम गवर्नर जनरल बैंटिक बना।
- इस अधिनियम के द्वारा कम्पनी के व्यापारिक अधिकार को ही खत्म कर दिया।
- भारतीयों की भलाई के लिए कार्य करने वाला प्रथम गवर्नर जनरल।
- अंग्रेजी ने पर्शियन ( फ़ारसी ) का कार्यालयी भाषा के रूप में स्थान ले लिया 1835 ई० में।
- कलकत्ता मेडिकल कॉलेज की स्थापना।
- सती प्रथा का अंत ( 1829 ई० ) राजा राम मोहन के सतप्रयासों से अधिनयम 17 के तहत।
- ठगी प्रथा की समाप्ति, कर्नल स्लीमैन के द्वारा।
- मैकाले की अनुशंसा पर अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाया गया ( 1835 ई० )।
- दासता उन्मूलन अधिनियम पास हुआ 1833। उल्लेखनीय है कि इस अधिनियम का क्रियान्वयन 1843 में लार्ड एलनबरो के शासनकाल में ही सम्भव हो सका।
चार्ल्स मेंटकोफ ( 1835- 36 ई० )
- प्रेस पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटा लिया गया। इसलिए इसे भारतीय प्रेस के मुक्तिदाता ( Liberator of indian journalism ) के रूप में जाना गया।
बोर्ड ऑफ डाइरेक्टर्स ने इसे अनुचित बताया। मेटकॉफ ने इस्तीफा दे दिया
लार्ड ऑकलैंड ( 1836-42 ई० )
- प्रथम अंगल-अफगान युद्ध ( 1839-42 ई० )। युद्ध मे अंग्रजों को भारी छति हुई, ऑकलैंड को वापस बुला लिया गया।
लार्ड एलनबरो ( 1842-44 ई० )
- प्रथम अफगान युद्ध की समाप्ति 1842 ।
- सोमनाथ का दरवाजा भारत लाया गया।
- सिंध का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय 1843 ई० ।
- दास प्रथा समाप्त 1843 ई० ।
लार्ड हार्डिंग ( 1844-48 ई० )
* प्रथम आंग्ल-सिक्ख युद्ध ( 1845-46 ई० ) और लाहौर की सन्धि 1846 में।
* गोंड और मध्य भारत मे मानव बलि प्रथा का दमन।
*** लार्ड डलहौजी (1846-56 ई० )
- द्वितीय आंग्ल-सिक्ख युद्ध ( 1848-49 ई० ) और पंजाब पर कब्ज़ा 1849 में।
- द्वितीय आंग्ल-वर्मा युद्ध तथा निम्न वर्मा का अधिग्रहण 1852 में।
विलय की नीति ( Doctrine of Lapse )
- इसके अंतर्गत -
- सतारा 1848 में।
- जैतपुर एवं स्मम्भलपुर 1849 में।
- वघाट और उदयपुर 1850 में।
- झांसी 1853 में।
- नागपुर 1854 में विलय कर लिया गया।
- 1856 ई० अवध को कुशासन के आधार पर अंग्रेजी साम्रज्य में मिला लिया गया। इस समय अवध के अंतिम नवाब वाजिद अली शाह था।
- कलकत्ता व आगरा के बीच पहली बार बिजली से संचालित तार सेवा शुरू की गई ( 1853ई०)
- 1854 ई० में डाक कानून लागू, पहली बार डाक टिकट का प्रचलन।
- सर्वप्रथम बम्बई एवं थाणे के बीच रेलवे लाइन का निर्माण 1853 ई०।
- शिमला ग्रीष्म कालीन राजधानी बनी।
- 1855 में पहली बार सिविल सर्विसेज हेतु प्रतियोगी परीक्षा शुरू।
- अंतिम पेशवा बजराव द्वितीय की मृत्यु 1853 में और उसके दत्तक पुत्र नाना साहब का पेंसन बन्द।
- 1856 में हिन्दू विधवा पुनर्विवाह कानून लागू।
- धर्मिक निर्योग्यता अधिनियम ( Religious Disabilities Act ) 1856 में पारित, जिसके द्वारा ईसाई धर्म मे परिवर्तित हिंदुओं को उनकी पिता की सम्पत्ति से बंचित नही किया जा सकता।
- लोक शिक्षा विभाग का गठन 1856 में।
- चार्टर एक्ट 1853 पारित, यह आन्तिम चार्टर एक्ट था। इसी के द्वारा कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स के नियुक्ति सम्बन्धी सारे अधिकार खत्म कर दिए गए, क्यूंकि अब सभी नियुक्तियां प्रतियोगि परीक्षाओं के माध्यम से होनी थीं।
- बुड्स शिक्षा डिस्पैच ( 1854 ई० ) और अंग्रजो द्वारा जनसमुदाय को शिक्षित करने की जिम्मेदारी लेना, इसमें महिलाओं की शिक्षा पर भी ध्यान देने की बात की गई। इसे भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा ( Magna karta ) कहा गया।
- डाक व तार विभाग की स्थापना।
- लोक निर्माण विभाग ( PWD) की स्थापना।
- संथाल विद्रोह ( 1855-56 ई०) नेता- सिद्धो और कान्हो ।
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to be continued in next e-notes.