1857 ईसवी की क्रांति के प्रमुख नेता-2

तात्या टोपे:- तात्या टोपे महान राष्ट्रभक्त वीर सेनानी तथा नाना साहब के अभिन्न सहयोगी थे। प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन में उन्होंने कई स्थानों पर अंग्रेजी सैनिकों को भारी नुकसान पहुंचाया और पराजित किया।अंत में विश्वासघात कर अंग्रेज भारत माता के इस वीर सेनानी को बंदी बनाने में सफल हुए। तत्पश्चात 1859 ई. में इन्हें मृत्युदंड दे कर समाप्त कर दिया गया।
       रानीअवंती बाई:-रानी अवंती बाई मध्य प्रदेश की एक छोटी रियासत रामगढ़ की रानी एवं वीरांगना थी रानी ने प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन के समय अंग्रेजों से डटकर मोर्चा लिया और अंत में अपनी विरासत की रक्षा एवं राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया।
         रानी लक्ष्मीबाई:- रानी लक्ष्मी बाई झांसी के राजा गंगाधर राव की पत्नी थी।1853 इसवी में राजा की मृत्यु के पश्चात वे दामोदर राव नामक एक बालक को दत्तक पुत्र के रूप में लेकर स्वयं झांसी का राजकाज देखने लगी। परंतु लॉर्ड डलहौजी ने गोद निषेध नीति के तहत झांसी को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया रानी ने इसे अस्वीकार कर दिया और अंग्रेजों से संघर्ष करने के लिए कमर कस ली।काफी संघर्ष के बाद भी रानी ने हार नहीं मानी और अंत में देश की रक्षा में लड़ते-लड़ते वीरगति को प्राप्त हो गई।
        बेगम हजरत महल:- बेगम हजरत महल एक वीर साहसी और निर्भीक महिला थी उन्होंने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के समय लखनऊ के क्रांतिकारियों का न केवल नेतृत्व किया वरन कुछ समय के लिए लखनऊ को अंग्रेजों की सत्ता से मुक्त कर दिया।कालांतर में अंग्रेजों की बढ़ती शक्ति एवं सेना का सामना न कर पाने के कारण वे संभवत नेपाल चली गई और अंत में उनकी वही मृत्यु हो गई।भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारियों में इनका नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित है।
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