भारत के कैबिनेट मंत्रियों की सूची 2019 (अपडेट) : कैबिनेट मंत्री -02

रामविलास पासवान( केंद्रीय मंत्री)

बीजेपी ने अपने दम पर ही बहुमत हासिल कर लिया है बावजूद इसके सहयोगियों पर भरोसा ऐसा कि रामविलास पासवान एक बार फिर कैबिनेट मंत्री बने.राम विलास पासवान ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली. पासवान को उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी के कोटे से मंत्री बनाया गया है. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में राम विलास पासवान केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री थे.

सदानंद गौड़ा ( केंद्रीय मंत्री)

कर्नाटक के उडुपी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़कर छात्र नेता के रूप में राजनीति का ककहरा सीखने वाले डीवी सदानंद गौड़ा को दूसरी बार मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री के तौर पर शामिल किया गया है. पेशे से वकील रहे गौड़ा अब चौथी बार संसद पहुंचे हैं.

उन्होंने हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कृष्णा बायरे गौड़ा को पराजित किया. साल 2014 में गौड़ा ने बेंगलुरू उत्तर से लोकसभा चुनाव जीता. उन्हें पहले रेल मंत्रालय सौंपा गया पर छह महीने में ही उनसे यह जिम्मेदारी ले ली गई. इसके बाद उन्होंने न्याय एवं विधि मंत्री के तौर पर डेढ़ वर्ष नवम्बर 2014 से जुलाई 2016 तक कार्य किया. इसके बाद उन्हें सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय का कार्यभार दिया गया. भाजपा नेता अनंत कुमार के निधन के बाद गौड़ा को रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया.

हरसिमरत कौर बादल( केंद्रीय मंत्री)

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में खाद्य प्रसंस्करण मंत्री के तौर पर अपने उर्जावान तेवरों के लिये जानी जाने वाली शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली. वह किस मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगी अभी इसकी घोषणा नहीं की गई है.

थावर चंद गहलोत( केंद्रीय मंत्री)

हरसिमरत कौर बादल के बाद थावर चंद गहलोत ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी थावर चंद गहलोत मंत्री रहे थे.

डॉ. हर्षवर्धन( केंद्रीय मंत्री)

विनम्रता भरा सहज व्यवहार और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व नयी दिल्ली की चांदनी चौक लोकसभा सीट से चुनाव जीतने वाले डॉ हर्षवर्धन की पहचान है. उन्हें दिल्ली सरकार के साथ केन्द्र सरकार में दोबारा कैबिनेट मंत्री बनने का अवसर मिला है.

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री के तौर पर हर्षवर्धन ने साइबर सुरक्षा के बुनियादी ढांचे पर जोर दिया. आईआईटी कानपुर में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से साइबर सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के बुनियादी ढांचा के लिए इंटरडिस्पिलनरी सेंटर तैयार किया गया है. यह भारत का पहला अपने तरह का शोध केंद्र है जिसका उद्देश्य देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को तकनीकी युक्त सुरक्षित बनाने से लेकर अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करना है.

मुख्तार अब्बास नकवी( केंद्रीय मंत्री)

भारतीय जनता पार्टी का अल्पसंख्यक चेहरा कहलाने वाले मुख्तार अब्बास नकवी ने गुरुवार को दूसरी बार नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री के तौर पर शपथ ली. इस बार नकवी को कैबिनेट मंत्री के तौर पर शामिल किया गया है.नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे मुख्तार अब्बास नकवी ने देश के हज कोटे को बढ़वाने में अहम योगदान दिया.

मंत्रालय के प्रयासों के फलस्वरूप सऊदी अरब ने 2019 के लिए भारत के वार्षिक हज कोटे में 25 हजार की वृद्धि की. 1998 में तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में सूचना प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री रहे नकवी के कार्यकाल में डायरेक्ट टू होम प्रसारण व्यवस्था एवं भारतीय फिल्म क्षेत्र को उद्योग का अधिकृत दर्जा देने जैसे अहम फैसले किये गये. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मिला.

महेंद्र नाथ पांडेय( केंद्रीय मंत्री)

उत्तर प्रदेश में बीजेपी का कमल खिलाने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडे के कंधों पर भी थी. महेंद्र नाथ पांडे यूपी के पूर्वांचल से आते हैं.

यूपी में राजनीतिक समीकरण को बैलेंस बनाए रखने के लिए को ब्राह्मण चेहरे के तौर महेंद्रनाथ को पार्टी की कमान दी गई थी. 2014 के लोकसभा चुनाव मे पार्टी ने इन्हें चंदौली लोकसभा सीट से टिकट देकर मैदान में उतारा. मोदी लहर में उन्होंने बसपा के अनिल मौर्य को करीब ढाई लाख मतों से मात देकर सांसद बने और मोदी सरकार में राज्यमंत्री चुने गए थे.इस बार उन्हें कैबिनेट का जिम्मा मिला है.

अरविंद सावंत( केंद्रीय मंत्री)

अरविंद सावंत शिवसेना दक्षिण मुंबई से जीतकर सांसद बने हैं. उन्होंने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्री पद की शपथ ली है. वह 1996 से 2010 के बीच दो बार विधायक चुने गए थे. 2010 में उन्हें शिवसेना के प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी मिली थी. 68 वर्षीय सावंत ने कांग्रेस के मिलिंद देवड़ा को 1,00,067 वोट से हराकर अपनी सीट बरकरार रखी. सावंत शिवसेना के साथ पार्टी के शुरुआती दिनों से जुड़े हैं.

गिरिराज सिंह( केंद्रीय मंत्री)

पीएम नरेंद्र मोदी के विश्वस्त गिरिराज सिंह के राजनीतिक करियर में पिछले एक दशक में बेहद नाटकीय ढंग से उछाल आया है. मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तभी से सिंह उनके करीबी रहे हैं. 66 वर्षीय सिंह ने इस बार लोकसभा चुनाव में बेगूसराय से भाकपा उम्मीदवार कन्हैया कुमार को चार लाख से ज्यादा मतों के अंतर से हराया. बेगूसराय इस बार देश के उन चुनिंदा लोकसभा क्षेत्रों में शामिल था जिस पर सभी की निगाहें लगी हुई थी.

सिंह बिहार के प्रभावशाली भूमिहार समुदाय से आते हैं. यह समुदाय कभी कांग्रेस का समर्थक हुआ करता था लेकिन मंडल के दौर के बाद भाजपा को राज्य में मजबूत करने लगा. 2014 में वह भाजपा के टिकट पर नवादा से चुनाव लड़े और जीत भी गए. मोदी के 2014 में सत्ता संभालने के छह महीने बाद मंत्रिमंडल विस्तार में सिंह को भी जगह दी गई. उन्हें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री बनाया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दूसरी बार सरकार बनने पर गुरुवार को गिरिराज सिंह ने भी प्रोन्नित के साथ कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली.

गजेंद्र सिंह शेखावत( केंद्रीय मंत्री)राजस्थान के कद्दावर नेता गजेंद्र सिंह शेखावत ने गुरुवार को शपथ ली. जोधपुर से चुनाव लड़े केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गए थे. 2014 में उन्होंने जोधपुर से ही चुनाव लड़ते हुए कांग्रेस उम्मीदवार को भारी मतों से हराया था लेकिन इस बार लड़ाई दमदार हो गई क्योंकि गजेंद्र सिंह शेखावत के सामने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत थे. उन्होंने गहलोत के बेटे को करारी शिकस्त दी. 2014 में जीत हासिल करने के बाद उन्हें किसान मोर्चा का राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया. इसके बाद मोदी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें कृषि राज्य मंत्री बनाया गया.

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