भौतिक विज्ञान : सामान्य परिचय

आज से हम लोग भौतिक विज्ञान पर चर्चा शुरु करेंगे.....

Day -15

भौतिक विज्ञान : सामान्य परिचय

'भौतिक विज्ञान' या 'भौतिकी' अंग्रेजी जे शब्द Physics का हिन्दी रूपान्तर है और शब्द Physics आया है ग्रीक भाषा के शब्द फ्यूसिस (fusis) से जिसका अर्थ है ‘प्रकृति’। अतः विज्ञान की जिस शाखा में प्रकृति तथा प्राकृतिक घटनाओं का अध्ययन किया जाता है वही भौतिकी है; परन्तु प्रकृति वास्तव में द्रव्य, ऊर्जा एवं उनकी अन्योन्यक्रियाओं की अभिव्यक्ति है। अतः विषय-वस्तु की दृष्टि से हम भौतिकी को इस प्रकार भी परिभाषित करते हैं – “द्रव्य,ऊर्जा तथा उनकी अन्योन्यक्रियाओं के वैज्ञानिक अध्ययन को भौतिक विज्ञान कहते हैं।“ चूंकि सभी वस्तुएं द्रव्य और ऊर्जा से बनी हैं, अतः भौतिकी में सभी पदार्थों का अध्ययन समाहित है। इस दृष्टि से भौतिकि एक मूलभूत विज्ञान है।

भौतिकी तथा प्रौद्योगिकी

विज्ञान की सभी शाखाओं में भौतिकी के अनुप्रयोग दिखायी देते हैं। प्रौद्योगिकी तो अनुप्रयुक्त भौतिकी ही है। रेडियो, दुरदर्शन, बेतार संचार, आदि में भौतिकी के विद्युत-चुम्बकीय सिध्दान्तों का प्रयोग किया जाता है। बस, कार, स्कूटर, आदि में प्रयुक्त किए जाने वाले अन्तःदहन इंजन, भौतिकी की एक शाखा, ऊष्मागतिकी के सिध्दान्तों पर आधारित है।

भौतिकी की प्रमुख शाखाएं

भतिकी को मुख्यतः दो भागों में बांटा जा सकता है –

  1. चिरसम्मत भौतिकी एवं 2. आधुनिक भौतिकी
  2. चिरसम्मत भौतिकी (Classical Physics) – 19वीं शताब्दी तक की भौतिकी को चिरसम्मत भौतिकी माना जाता है। इसकी प्रमुख उपशाखाएं निम्नलिखित हैं :
    1. यांत्रिकि
    2. प्रकाशिकी
    3. ध्वनि एवं तरंग गति
    4. ऊष्मा एवं ऊष्मागतिकी
    5. विद्युत्-चुम्बकत्व
  3. आधुनिक भौतिकी (Modern Physics) – इसमें मुख्यतः बीसवीं शताब्दी से वर्तमान की भौतिकी का अध्ययन किया जाता है। इसकी प्रमुख उपशाखाएं निम्नलिखित हैं :
    1. परमाणु भौतिकी
    2. नाभिकीय भौतिकी
    3. क्वाण्टम भौतिकी
    4. आपेक्षिकता का सिध्दान्त
    5. विश्वविज्ञान एवं अन्तरिक्ष अन्वेषण
    6. मध्याकार भौतिकी

शेष फिर अगले नोटस् में ..(यान्त्रिकी).....

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