क्रमशः
Day - 40
- आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए कुछ परिवर्तन किए गए। उदाहरण – मध्य प्रान्त के विदर्भ को महाराष्ट्र में मिला दिया गया। विंध्य प्रदेश और मध्य भारत का शेष क्षेत्र में विलय करके मध्य प्रदेश बनाया गया। कुछ राज्य भाषावार राज्यों की मांग की पूर्ति के लिए बनाए गए, जैसे – आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और पंजाब। कुछ राज्य पूववर्ती विदेशी साम्राज्यों के अवषेश हैं जैसे – गोवा। कुछ राज्य बनाने का यह कारण दिया गया कि इससे विकास सुकर होगा, जैसे – तेलंगाना, उत्तराखण्ड और छत्तीसगढ़। कुछ अन्य राज्य इसलिए बनाए गए कि वहाँ जनजातियों की प्रधानता थी और वे अधिक स्वतंत्रता की मांग कर रहे थे, जैसे – मेघालय, नागालैण्ड, मिजोरम आदि। सिक्किम एकमात्र ऐसा राज्य है जो स्वतंत्र देश था किन्तु जो 1975 में सिक्किम की जनता की इच्छानुसार भारत में विलीन हो गया। इस प्रकार राज्यों के निर्माण और उनकी सीमाओं की अंकन के लिए विभिन्न कारण रहें।
- जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 में विशेष स्थिति प्रदान की गई है। इसका अपना पृथक संविधान है। अनुच्छेद 371 में आन्ध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, अनुच्छेद 371-ए में नागालैण्ड, अनुच्छेद 371-बी में असम और अनुच्छेद 371-एफ में सिक्किम के लिए कुछ विशेष प्रावधान किए गए हैं।
- सिक्किम एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसे भारत में 1974 में पैतीसवें संविधान संशोधन द्वारा सह-राज्य के रूप में सम्मिलित किया गया। पहले यह स्वतंत्र देश था। 36वें संविधान संशोधन (1975) द्वारा इसे पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया गया।
मिलते है हम अगले दिन, इसी विषय पर फिर आगे चर्चा करने के लिये..