राजा राम मोहन राय का जन्म २२ मई, सन १७७४ को (बंगाल में) हुआ था।
राजा राम मोहन राय को भारतीय पुनर्जागरण का अग्रदूत माना जाता हैं तथा सुभाष चन्द्र बोस ने इन्हें युगदूत कहा था।
राजा राम मोहन राय को राजा की उपाधि मुगल शासक अकबर ll ने दी थी।
तुहफत- उल-मुवाहिदीन या gift to monothiest तथा the parents of jijus इनके द्वारा लिखी गई प्रमुख पुस्तके हैं।
बंगाली पत्रिका संवाद कौमुदी का संपादन राजा राम मोहन राय ने किया था।
एकेश्वरवाद मत का प्रचार करने हेतु राजा राम मोहन राय ने आत्मीय सभा का गठन किया था।
वर्ष १८२५ में वेदांत कालेज की स्थापना राजा राम मोहन राय ने की थी। तथा वर्ष १८१७ में कलकत्ता में हिंदू कालेज की स्थापना राजा राम मोहन राय और डेविड हेयर ने मिलकर किया।
इनकी मृत्यु वर्ष १८३० में इंग्लैंड में हुई।