स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद का मूल नाम नरेंद्र नाथ दत्त था।
महाराज खेतड़ी के सुझाव पर इन्होंने अपना नाम स्वामी विवेकानंद रखा। 
वर्ष १८८३ में शिकागो अमेरिका के विश्व धर्म सम्मेलन में भाग लिया तथा साथ ही वर्ष १८९० में पेरिस में आयोजित दूसरे धर्म सम्मेलन में भाग लिया। 
मारग्रेट नोबल (सिस्टर निवेदिता) उनकी शिष्या थी। 
स्वामी जी को १९ वीं शताब्दी का नव हिंदू जागरण का सस्थापक भी कहा जाता है। 
सुभाष चन्द्र बोस ने इन्हें आधुनिक राष्ट्रीय आंदोलन का पिता कहा था। 
कर्मयोग, राजयोग एवम् वेदांत फिलासफी उनकी प्रसिद्ध पुस्तकें हैं। 

Posted on by