हाल ही में केन्द्र सरकार के द्वारा देश के प्रत्येक घर में बिजली पहुँचाने के लिए ‘सौभाग्य’ योजना की शुरूआत की गयी है। ‘सौभाग्य’ योजना के प्रमुख उद्देश्यों एवं क्रियाविधि को स्पष्ट कीजिए। साथ ही बताइए कि ‘सौभाग्य’ योजना के मार्ग में कौन सी प्रमुख चुनौतियाँ विद्यमान हैं?हाल ही में केन्द्र सरकार के द्वारा ‘प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना’ अर्थात ‘सौभाग्य’ योजना की शुरूआत की गयी है। ‘सौभाग्य’ योजना के अंतर्गत वर्ष 2019 के शुरुआती महीनों तक देश के सभी घरों तक बिजली पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ‘सौभाग्य’ योजना पर तकरीबन 16 हजार करोड़ रूपये की लागत आने का अनुमान है। इस लागत का तकरीबन 75 प्रतिशत हिस्सा केन्द्रीय बजट से दिया जायेगा। ‘सौभाग्य’ योजना का पफोकस गाँव पर है क्योंकि बिना बिजनी वाले 90 प्रतिशत घर गाँवों में ही हैं। यही कारण है कि ‘सौभाग्य’ योजना की लागत का तकरीबन 90 प्रतिशत खर्च ग्रामीण विद्युतीकरण पर किया जायेगा।
‘सौभाग्य’ योजना के प्रमुख उद्देश्य एवं क्रियाविधि सौभाग्य योजना का प्रमुख उद्देश्य वर्ष 2019 के शुरुआती महीनों तक देश के सभी घरों में बिजली की सुविधा उपलब्ध करवानी हैं।
- सरकारी आँकड़ों के अनुसार, वर्तमान में देश के 3000 से अधिक गाँवों में बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है अतः इन गाँवों तथा इन गाँवों के प्रत्येक घर में बिजली पहुँचाना ‘सौभाग्य’ योजना का प्रमुख उद्देश्य है।
- सौभाग्य योजना को 2011 की सामाजिक, आर्थिक व जातिगत जनगणना के आधार पर लागू किया जायेगा।
- वस्तुतः 2011 की सामाजिक, आर्थिक व जातिगत जनगणना में जिन परिवारों की पहचान बिना बिजली के कनेक्शन वाले परिवार के रूप में की गयी थी, उन्ही परिवारों को निःशुल्क बिजली का कनेक्शन दिया जायेगा।
- इसके अतिरिक्त जो अन्य परिवार बिजली का कनेक्शन लेना चाहेंगे उन्हे केवल 500 रूपये देने पर यह सुविधा प्राप्त हो जायेगी। इस 500 रूपये की राशि को अदा करने के लिए उन्हें किश्तों का विकल्प भी दिया जायेगा।
‘सौभाग्य’ योजना के मार्ग में विद्यमान प्रमुख चुनौतियाँ
- सरकारी आकड़ों में गाँव में बिजली पहुँचाने को प्राथमिकता प्रदान की जा रही है न कि गाँव के प्रत्येक घर में।
- सरकारी आकड़ों के अनुसार 3 वर्ष पूर्व 18,000 गाँव गैर विद्युतीकृत थे जिनमें से अब तक 15,000 गाँवों में बिजली पहुँचायी जा चुकी है। यद्यपि 15,000 गाँवों तक बिजली पहुँचाने का आँकड़ा सत्य है किंतु इन 15,000 गाँवों के मात्र 8 प्रतिशत घरों तक ही बिजली पहुँची है।
निष्कर्ष : निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि देश के प्रत्येक घर में बिजली पहुँचाने के लिए प्रारम्भ की गयी ‘सौभाग्य’ योजना एक सराहनीय पहल है। किंतु इस संदर्भ में उपर्युक्त चुनौतियों पर ध्यान देने की भी आवश्यकता है।