अलीगढ़ आंदोलन इस आंदोलन का पर्वतन सर सैयद अहमद खां ने किया था। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य मुसलमानों में पाश्चात्य शिक्षा एवं वैज्ञानिक सोच को बड़ावा देना था। इन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई।
अहमदिया आंदोलन इसकी शुरूआत १८८९ मेंपंजाब के कादियान नामक स्थान पर मिर्जा गुलाम अहमद ने की थी।
गुलाम अहमद हिंदू देवता कृष्णा और ईसा मसीह का अवतार होने का दावा किया था।
इन्होंने स्वयं को हजरत मोहम्मद की बराबरी में इस्लाम का मसीहा माना।
इसका मुख्य उद्देश्य इस्लाम को मूल रूप से स्थापित करना था।
मिर्जा गुलाम अहमद ने बराहीन ए अहमदीया में अपने विचार प्रकट किए हैं।
देवबंद आंदोलन वर्ष १८६६ में उत्तर प्रदेश सहारनपुर जिले के देवबंद स्थान पर कुरान और हदीस के ज्ञान का प्रचार करने तथा विदेशियों के खिलाफ जिहाद का नारा देने के लिए एक इस्लामी मदरसे की स्थापना की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य था अंग्रेजी शिक्षा और पाश्चात्य संस्कृति पर प्रतिबंध और मुस्लिम धर्म के प्रचार के लिए धार्मिक व्यक्ति तैयार करना।
बहावी आंदोलन इस आंदोलन को प्रचारित करने का श्रेय सैयद अहमद बरेलवी और इस्लाम हाजी मौलवी मोहम्मद को दिया जाता है।
सबसे पहले इस आंदोलन ने ही मुस्लिमो पर पड़ने वाले पाश्चात्य प्रभाव का विरोध किया था।
इस आंदोलन का मुख्य केंद्र पटना था।
वहां इसके नेता सरियत उल्ला एवं करामत अली थे।