म्यांमार का भारत के लिए महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि यह भारत के लिए पूर्व में प्रवेश-द्वार का कार्य करता है। हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री ने म्यांमार की आधिकारिक यात्रा की। इस दौरान भारतीय प्रधानमंत्री ने म्यांमार के ऐतिहासिक आनंद मंदिर की यात्रा के साथ-साथ द्विपक्षीय महत्व के ग्यारह समझौतों एवं सहमति-पत्रों पर भी हस्ताक्षर किए।
भारत एवं म्यांमार के बीच हस्ताक्षरित इन महत्वपूर्ण समझौतों एवं सहमति-पत्रों में समुद्री सुरक्षा सहयोग, भारत एवं म्यांमार के निर्वाचन आयोग के बीच सहयोग संबंधी सहमति-पत्र, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, भारतीय प्रेस काउंसिल एवं म्यांमार प्रेस काउंसिल के मध्य सहयोग, सूचना प्रौद्योगिकी कौशल विकास के लिए भारत-म्यांमार केन्द्र की स्थापना के लिए समझौता, स्वास्थ्य एवं औषधि के क्षेत्र में सहयोग आदि प्रमुख रूप से शामिल है।
म्यांमार भारत के लिए आर्थिक रूप से किस प्रकार महत्वपूर्ण है?
- भारत एवं म्यांमार के बीच आर्थिक संबंध लगातार सशक्त होते जा रहे हैं। 1980-81 में जहाँ दोनों देशों के मध्य मात्र 12.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार होता था वहीं 2013-14 के आँकड़ों के अनुसार यह 2.18 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया है।
- म्यांमार न सिर्फ स्वयं ‘आसियान (ASEAN)’ का सदस्य देश है, बल्कि वह भारत के लिए अन्य आसियान देशों में पहुँच को भी आसान बनाता है।
- भारत के द्वारा म्यांमार में ‘कलादान मल्टी मॉडल परियोजना’ का निर्माण किया जा रहा है जो दोनों देशों के आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करेगा।
- म्यांमार प्राकृतिक संसाधनों ‘इमारती लकड़ी’ तथा हाइड्रोकॉर्बन में सम्पन्न देश है। इस प्रकार यह भारत की आवश्यकताओं को पूरा करने में अहम भूमिका अदा कर सकता है।
सबसे बढ़कर म्यांमार दालों के उत्पादन में अग्रणी है जबकि भारत, भारी मात्रा में दालों का आयात करता है। इस प्रकार म्यांमार भारत की खाद्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
म्यांमार, भारत के लिए सामरिक रूप से किस प्रकार महत्वपूर्ण है?
- म्यांमार, भारत के लिए पूर्व में प्रवेश-द्वार की भूमिका अदा करता है अतः यह भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी के लिए महत्वपूर्ण है।
- पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता की स्थापना तथा विकास के लिए म्यांमार अहम स्थान रखता है।
- चीन के प्रभाव को संतुलित करने के लिए भारत एवं म्यांमार के बीच संबंधों का सुदृढ़ होना अनिवार्य है। ज्ञातव्य है कि चीन लगातार म्यांमार में अपनी स्थिति मजबूत बनाने में लगा हुआ है।
- भारत एवं म्यांमार के बीच न सिर्फ एक बड़ी स्थलीय सीमा है बल्कि दोनों देश समुद्री सीमा से भी जुड़े हुए हैं। इस प्रकार स्थलीय एवं समुद्री दोनों सीमाओं की समुचित सुरक्षा के लिए भारत एवं म्यांमार के मध्य सौहार्द्रपूर्ण संबंध होने जरूरी है।
निष्कर्ष : निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि भारतीय प्रधानमंत्री की हालिया म्यांमार यात्रा से दोनों देशों के संबंधें को मजबूती मिलेगी। सबसे बढ़कर म्यांमार भारत के लिए न सिर्फ आर्थिक रूप से बल्कि सामरिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।