हाल ही में नीति आयोग के तत्वावधन में राष्ट्रीय पोषण रणनीति (National Nutrition Strategy) जारी की गई। इस राष्ट्रीय पोषण रणनीति में पोषण से संबंधित निर्धारक तत्वों मसलन स्वास्थ्य, भोजन, आय एवं सेवा को शामिल किया गया है।
सबसे बढ़कर राष्ट्रीय पोषण रणनीति में कुपोषण से मुक्त भारत का न सिर्फ लक्ष्य निर्धारित किया गया है बल्कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समुचित क्रियान्वयन एवं निगरानी की भी व्यवस्था की गई है। ज्ञातव्य है कि देश के तकरीबन एक-तिहाई बच्चे कम वजन के हैं। हाल ही में जारी किए किए ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स’ में भारत को 119 देशों में से 100वाँ स्थान प्रदान किया गया है जबकि पिछले वर्ष इसी सूचकांक में भारत को 97वाँ स्थान प्रदान किया गया था।
राष्ट्रीय पोषण रणनीति के तहत निर्धारित किए गए प्रमुख लक्ष्य
- 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में वर्तमान में अल्पवजन का स्तर 35.7 प्रतिशत है। इसे घटाकर वर्ग 2022 तक 20.7 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- 6 महीने से लेकर 5 वर्ष तक के बच्चों में रक्त की कमी (Anemia) को मौजूदा 58.4 प्रतिशत से घटाकर वर्ष 2022 तक 19.5 प्रतिशत तक लाना।
- इसी प्रकार बालिकाओं एवं महिलाओं ;15 से 49 वर्षद्ध में रक्ताल्पता (Anemia) का स्तर वर्तमान में 53.1 प्रतिशत है जिसे घटाकर वर्ष 2022 तक एक-तिहाई अर्थात 17.7 प्रतिशत तक लाना है।
- राष्ट्रीय पोषण रणनीति में पोषण को सर्वाधिक प्राथमिकता प्रदान की गई है क्योंकि पोषण को स्वस्थ जीवन के साथ-साथ मानव विकास एवं आर्थिक लाभ का आधार माना जाता है।
- सबसे बढ़कर इस राष्ट्रीय पोषण रणनीति में लैंगिक संवेदनशीलता एवं समावेशी प्रकृति को क्रियान्वयन के केन्द्र में रखा गया है।
किस प्रकार वर्ष 2030 तक कुपोषण मुक्त भारत का स्वप्न साकार किया जायेगा?
राष्ट्रीय पोषण रणनीति में वर्ष 2030 तक दीर्घावधिक लक्ष्य के रूप में देश से समस्त प्रकार के अल्पपोषण को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निम्न कदम उठाये जायेंगे।
- राष्ट्रीय पोषण रणनीति के तहत राज्यों को कुपोषण मुक्त भारत के निर्माण के लिए एकीकृत किया जायेगा तथा उन्हें राज्य स्तरीय के साथ जिला स्तरीय कार्यवाही करने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा।
- प्राथमिकता आधारित कार्यवाही की जायेगी अर्थात सर्वप्रथम सर्वाधिक वंचित तबके तक लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जायेगा।
- गर्भवती महिलाओं एवं 3 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर सर्वाधिक बल दिया जायेगा।
- समुदाय आधारित कार्यवाही एवं निगरानी व्यवस्था को सशक्त बनाना।
निष्कर्षः निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि राष्ट्रीय पोषण रणनीति, स्वस्थ भारत के निर्माण के उद्देश्य से प्रेरित है। इसके तहत निर्धारित कदमों पर चलकर निश्चित तौर पर 2030 तक कुपोषण मुक्त भारत का निर्माण किया जा सकता है।