हाल ही में जारी किए गए ?ग्लोबल हंगर इंडेक्स? का सविस्तार उल्लेख कीजिए। ग्लोबल हंगर इंडेक्स की क्रियाविधि को स्पष्ट कीजिए। साथ ही बताइए कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की क्या स्थिति है?

12 अक्टूबर, 2017 को ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स’ (Global Hunger Index) की वार्षिक सूची जारी की गई। इस सूची में इस बार 119 देशों को शामिल किया गया है जबकि पिछले वर्ष 118 देशों को ही शामिल किया गया था।

ज्ञातव्य है कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स की शुरुआत अन्तर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधन संस्थान ( International Food Policy Research Institute) के द्वारा की गई थी तथा सर्वप्रथम इसे एक जर्मन स्वयंसेवी संगठन ‘बेल्ट हंगरलाइफ’ के द्वारा वर्ष 2006 में जारी किया गया। ग्लोबल हंगर इंडेक्स के द्वारा यह प्रदर्शित किया जाता है कि अलग-अलग देशों में भोजन की वस्तुएं किस प्रकार की और किस मात्रा में उपलब्ध है।

ग्लोबल हंगर इंडेक्स की क्रियाविधि

ग्लोबल हंगर इंडेक्स को मापने के लिए चार प्रमुख पैमानों का प्रयोग किया जाता है। प्रथम पैमाना कुपोषण, द्वितीय शिशुओं में भयंकर कुपोषण, तृतीय बच्चों के विकास में रूकावट तथा चतुर्थ बाल मृत्यु दर से संबंधित है।

  • इन चार पैमानों के आकलन के पश्चात विभिन्न देशों को अंक प्रदान किए जाते हैं। ये अंक भूख की स्थिति को प्रदर्शित करते हैं।
  • उदाहरण के तौर पर, 9.9 या उससे कम अंक का तात्पर्य कम भूख की स्थिति होता है। जबकि 20 से 34.9 अंक का तात्पर्य भूख की गंभीर समस्या से होता है। इसी प्रकार 35.0 से 49.9 अंक की स्थिति भूख की खतरनाक स्थिति को प्रदर्शित करती है।
  • ग्लोबल हंगर इंडेक्स में जिस देश की रैंकिंग जितनी अधिक होती है उस देश में भूख की स्थिति उतनी ही गंभीर होती है।

ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की स्थिति

ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत को कुल 119 देशों में 100वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। जबकि पिछले वर्ष के सूचकांक में भारत को कुल 118 देशों में 97वाँ स्थान प्राप्त हुआ था।

  • ग्लोबल हंगर इंडेक्स, 2017 में भारत को 31.4 अंक प्रदान किए गए हैं। ज्ञातव्य है कि 20 से 34.9 अंक वाले देशों को भूख की गंभीर समस्या की श्रेणी में रखा गया है।
  • ग्लोबल हंगर इंडेक्स के अनुसार, भारत में बच्चों की स्थिति बहुत चिंताजनक है। पाँच वर्ष से कम उम्र के प्रत्येक पाँचवें बच्चे का वजन उसकी लम्बाई की तुलना में काफी कम है।
  • ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की स्थिति उत्तर कोरिया, इराक एवं बांग्लादेश से भी खराब है। चीन की स्थिति भारत की अपेक्षा काफी बेहतर है। उसे इस सूचकांक में 29वाँ स्थान प्रदान किया गया है।
  • उल्लेखनीय है कि इस सूचकांक में चिली, बेलारूस, क्यूबा, कुवैत, क्रोएशिया, तुर्की, यूक्रेन एवं उरूग्वे को प्रथम रैंक के स्थान पर रखा गया है। इन देशों का अंकीय स्कोर 5.0 से कम है।

निष्कर्ष : निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स, 2017 वैश्विक स्तर पर भूख एवं कुपोषण की वास्तविक स्थिति को प्रदर्शित करता है। इस सूचकांक में भारत की स्थिति कापफी कमजोर है।

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