वैज्ञानिकों को हाल ही में पहली बार मानव जीन का हाई रेजोल्यूशन 4 डी मैप तैयार करने में सफलता प्राप्त हुयी है। यह हाई रेजोल्यूशन 4 डी मैप पिछले मैप की तुलना में किस प्रकार अलग है? साथ ही बताइए कि इससे किस प्रकार के लाभ सामने आयेंगे?

हाल ही में अमेरिका की स्टैन फोर्ड यूनिवर्सिटी एवं हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पहली बार मानव जीन का हाई रेजोल्यूशन 4 डी मैप तैयार करने में सफलता प्राप्त की है। इस खोज में भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक भी शामिल हैं। इस खोज से न सिर्फ पुराने मैप की कमियों को दूर किया जा सकेगा बल्कि जीनोम की गति विधियों को भी स्पष्ट तौर पर देखा जा सकेगा। ज्ञातव्य है कि वर्ष 2014 में वैज्ञानिकों के द्वारा प्रथम मैप तैयार किया गया था जिसके द्वारा जीनोम की स्थिर तस्वीर ही देखी जा सकती थी।

यह हाई रेजोल्यूशन 4 डी मैप पिछले मैप की तुलना में किस प्रकार अलग है?

  • पिछले मैप के द्वारा वैज्ञानिक केवल मानव जीन की स्थिर तस्वीर देख सकते थे जबकि इस हाई रेजोल्यूशन 4 डी मैप के द्वारा वीडियों के रूप में जीनोम की गतिविधियाँ भी देख सकेंगे।
  • इस खोज से वैज्ञानिक जीनोम का खुलना, मुड़ना, गायब होना एवं पुनः प्रकट होना स्पष्ट तौर पर देख सकेंगे।
  • इस प्रकार वैज्ञानिक इस हाई रेजोल्यूशन 4 डी मैप से जीनोम की गतिविधियों का स्पष्ट अवलोकन कर सकेंगे तथा पता लगा सकेंगे कि जीनोम किस प्रकार कार्य करते है।
  • सबसे बढ़कर इस खोज के माध्यम से वैज्ञानिक समय के साथ जीनोम में होने वाले परिवर्तन को भी स्पष्ट रूप से देख सकते हैं।

इस हाई रेजोल्यूशन 4 डी मैप से किस प्रकार के लाभ सामने आयेंगे?

  • इस हाई रेजोल्यूशन 4 डी मैप से आनुवांशिक बीमारियों के सम्बंध में बेहतर जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
  • इसके द्वारा आनुवांशिक बीमारियों के उपचार के नवीन मार्ग भी तलाशे जा सकेंगे।
  • जीनोम के बारे में बेहतर समझ विकसित की जा सकेगी जिससे ‘जीन एडिटिंग’ के नवीन आयाम सामने आ सकेंगे।
  • इस खोज के माध्यम से वैज्ञानिकों को यह समझने में आसानी होगी कि ‘डीएनए’ तत्व किस प्रकार आपस मिल जाते हैं तथा गुणसूत्र के साथ लूप बनाते हैं।

निष्कर्ष : निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि यह हाई रेजोल्यून्शन 4 डी मैप जीनोम की क्रियाविधि को समझने में महत्वपूर्ण साबित होगा तथा आनुवांशिक बीमारियों के निदान में यह अहम भूमिका अदा करेगा।

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