भारत के कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन के सम्बंध में आप क्या जानते हैं, सविस्तार स्पष्ट कीजिए ?आतंकवाद से निपटने के सम्बंध में कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन कहाँ तक प्रभावी है? साथ ही बताइए कि कोल्ड स्टार्ट डॅाक्ट्रिन के सम्बंध में पाकिस्तान ने क्या रणनीति अपनायी है?

कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन’ (Cold Start Doctrine) भारतीय सेना का नवीनतम सैन्य सिद्धांत है। इस सिद्धांत का विकास पाकिस्तान से संभावित युद्ध को ध्यान में रखकर किया गया है। ‘कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन’ के तहत सेना को इस प्रकार से तैयार किया जाता है ताकि आपात स्थिति में कम से कम समय में प्रतिक्रिया व्यक्त की जा सके। भारतीय सेना के इस नवीनतम सैन्य सिद्धांत के अंतर्गत सेना के विभिन्न अंगों को एकीकृत करने पर बल दिया गया है ताकि यदि दुश्मन देश के द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही की जाती है तो 48 घंटों के भीतर पूरी ताकत से उसका जवाब दिया जा सके। सबसे बढ़कर इस सिद्धांत के तहत शीघ्र प्रतिक्रिया व्यक्त करने का जो तरीका शामिल किया गया है उसके पीछे प्रमुख उद्देश्य दुश्मन को नेस्तनाबूत कर देना है ताकि उसे परमाणु हथियारों के प्रयोग का समय ही न प्राप्त हो सके।

आतंकवाद से निपटने में कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिनकहाँ तक प्रभावी है?

  • ‘कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन’ का विकास भारतीय सेना के द्वारा वस्तुतः पाकिस्तान प्रेरित आतंकवाद एवं उससे संभावित युद्ध से निपटने के उद्देश्य से किया गया है।
  • ‘कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन’ के तहत एकीकृत भारतीय सेना ने कई आंतकी हमलों को विफल किया है तथा देश की सुरक्षा में अहम योगदान दिया है।
  • इस सिद्धांत के तहत सेना के विभिन्न अंगों मसलन ‘डिपफेंस इंटेलीजेंस यूनिट’ आदि को एकीकृत किया गया है ताकि गुप्त आतंकी मिशनों को नाकाम किया जा सके। इस प्रकार स्पष्ट है कि ‘कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन’ आंतकवाद से निपटने में बहुत प्रभावी है। इसकी प्रभाविता बढ़ाने के लिए जरूरी है कि सैन्य बलों के साथ अर्ध सैन्य बल एवं स्थानीय पुलिस को भी एकीकृत किया जाये।

भारत के कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिनके संबंध में पाकिस्तान की रणनीति

  • भारत के ‘कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन’ से पाकिस्तान काफी अधिक चिंतित है तथा इससे निपटने के लिए पाकिस्तान के द्वारा छोटी दूरी के परमाणु हथियार विकसित किये जा रहे हैं।
  • पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने स्वयं स्पष्ट किया कि भारत के ‘कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन’ से निपटने के लिए हमने छोटी दूरी के परमाणु हथियार विकसित किये हैं तथा इन परमाणु हथियारों की कमान एवं नियंत्रण उसी के पास है जिसके पास अन्य परमाणु हथियारों का नियंत्रण हैं। यह बात उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ के वार्षिक अधिवेशन के दौरान कही।
  • इस प्रकार स्पष्ट है कि पाकिस्तान भारत के विरूद्ध परमाणु हथियारों का प्रयोग करने की बात संयुक्त राष्ट्र संघ जैसे सार्वजनिक मंच से स्वीकार करता है जिससे पाकिस्तान की रणनीति काफी हद तक स्पष्ट हो जाती है।

निष्कर्ष : निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि भारत का ‘कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन’ काफी प्रभावी है। किंतु साथ ही भारत को पाकिस्तान की रणनीति का समुचित तोड़ भी तलाशना होगा ताकि पाकिस्तान प्रायोजित आंतकवाद को नियंत्रित किया जा सके।

Posted on by