1. पहाड़ों पर रहने वाली पशुपालक जनजाति
# यह समुदाय गर्मी के मौसम में अपने जानवरों को लेकर पर्वतों के ऊपरी क्षेत्र पर चले जाते है क्योंकि तापमान बढ़ने से यहां बर्फ पिघल जाती है और घास के मैदान बन जाते है जिन्हे हिमाचल प्रदेश में बुग्याल कहते है , जैसे जैसे तापमान कम होता है यह लोग पहाड़ी के नीचे वाले इलाके में चले आते है क्योंकि तापमान कम होने से ऊपरी क्षेत्रों में बर्फ जमने लगती है। जैसे जम्मू कश्मीर में गुज्जर ,बकरवाल हिमाचल प्रदेश में गद्दी, उत्तराखंड में भोटिया , गुज्जर आदि।
2. पठारो पर रहने वाली पशुपालक जनजाति।
# यह समुदाय वर्षा के आधार पर गतिशील होता है तापमान के आधार पर नहीं। जब वर्षा का मौसम होता है तो यह लोग पठारो पर रहते है क्योंकि वर्षा होने से पठार के चारो तरफ घास उग आती है और वर्षा बाद यह पशुओं सहित तटीय क्षेत्रों में आ जाते है । जैसे महाराष्ट्र में धंगर , कर्नाटक आंध्र प्रदेश में कुरूमा ,कुरूबा,गोल्ला राजस्थान में राइका, गुजरात में मलधरी आदि।
3. मैदानी क्षेत्रों में
# इन क्षेत्रों में घास के मैदान अनुसार पशुचारक समुदाय गतिशील होता है। जैसे बंजारा समुदाय
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