भारतमाला परियोजना भारत सरकार के द्वारा प्रायोजित सड़क एवं राजमार्ग से सम्बन्धित परियोजना है। इसका वित्तीयन पूरी तरह से केन्द्र सरकार के द्वारा किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत सभी मौजूदा राजमार्ग परियोजनाओं को समाहित कर दिया जायेगा। ज्ञातव्य है कि इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (NHDP) को भी समाहित किया जायेगा जो कि केन्द्र सरकार की फ्रलैगशिप परियोजना है।
भारतमाला परियोजना की शुरूआत गुजरात एवं राजस्थान से की जायेगी। राजस्थान से पंजाब एवं इसके बाद सभी हिमालयी राज्यों को इसके अंतर्गत कवर किया जायेगा। भारतमाला के तहत पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ-साथ दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों एवं जनजातीय तथा पिछड़े क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जायेगा।
भारतमाला परियोजना के संदर्भ में सरकार की हालिया घोषणा
- हाल ही में सरकार के द्वारा भारतमाला परियोजना के तहत देश में सड़कों का विशाल नेटवर्क स्थापित किये जाने की घोषणा की गयी है।
- भारतमाला परियोजना के प्रथम चरण की शुरूआत 2017-18 में होगी जो 2021-22 में पूरा होगा।
- भारतमाला के तहत 34800 किलोमीटर लम्बी सड़कों के निर्माण की घोषणा की गयी है। इसके लिए सरकार के द्वारा 5.35 लाख करोड़ रूपये प्रदान करने की घोषणा की गयी है।
- भारतमाला परियोजना के अंतर्गत ‘ग्रीन-पफील्ड एक्सप्रेस वे’, आर्थिक कॉरीडोर एवं सीमावर्ती सड़कों का निर्माण किये जाने की घोषणा की गयी है।
भारतमाला परियोजना आधारभूत संरचना को किस प्रकार सशक्त बनाएगी?
- भारतमाला परियोजना के तहत देश में अभूतपूर्व स्तर पर राजमार्ग एवं ‘एक्सप्रेस-वे’ का निर्माण किया जायेगा। जिससे सड़क सम्बन्धी आधारभूत संरचना को मजबूती प्राप्त होगी।
- भारतमाला परियोजना को देश के दुर्गम एवं दूरदराज स्थित क्षेत्रों में विशेष तौर पर लागू किया जायेगा जिससे इन क्षेत्रों की कमजोर आधारभूत संरचना को मजबूत बनाया जा सकेगा।
- इस परियोजना से सड़क सम्बन्धी आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। दूसरी ओर यह आर्थिक विकास देश की आधारभूत संरचना के चहुँमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
निष्कर्षः निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि भारतमाला परियोजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी सड़क एवं राजमार्ग निर्माण परियोजना है। इससे देश की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी जिससे आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।