हाल ही में भारत एवं जापान के बीच वैश्विक एलएनजी बाजार पर समझौते से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे दोनों देशों को क्या लाभ होगा? साथ ही दोनों देशों के बीच सम्पन्न टीआईटीपी (TITP) समझौते पर प्रकाश डालिए तथा बताइए कि इससे भारत एवं जापान किस प्रकार लाभान्वित होंगे?

हाल ही में केन्द्रीय कैबिनेट के द्वारा भारत एवं जापान के बीच वैश्विक एलएनजी बाजार स्थापित करने से सम्बंधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। दोनों देश इस समझौते से लाभान्वित होंगे। इससे दोनों देश सस्ती दर एवं सुलभता से एलएनजी की आपूर्ति प्राप्त कर सकेंगे।

वैश्विक एलएनजी बाजार सम्बंधी समझौते से भारत एवं जापान को होने वाला लाभ

  • इस समझौते के पश्चात भारत उन देशों से एलएनजी (LNG) खरीद सकेगा जिन देशों से जापान ने एलएनजी की आपूर्ति के लिए समझौता कर रखा है। बदले में जापान को भी उन देशों से एलएनजी खरीद की सुविधा प्राप्त होगी जिनके साथ भारत ने एलएनजी खरीद सम्बंधी समझौता कर रखा है।
  • उदाहरण के तौर पर, वर्तमान में भारत एवं ऑस्ट्रेलिया के मध्य एलएनजी आपूर्ति सम्बंधी समझौता है और जापान एवं कतर के बीच एलएनजी आपूर्ति संबंधी समझौता है। जबकि ऑस्ट्रेलिया जापान के नजदीक और कतर भारत के  नजदीक है। इस समझौते के बाद जापान, ऑस्ट्रेलिया से एवं भारत, कतर से एलएनजी खरीद सकेगा।

भारत एवं जापान के मध्य सम्पन्न टीआईटीपी (TITP) समझौता

            हाल ही में केन्द्र सरकार के द्वारा जापान के साथ ‘टीआईटीपी’ (TITP –Technicle Intern Traning Programme) समझौते को अंतिम रूप प्रदान किया गया है। इस समझौते के तहत एक निर्णय तीन लाख प्रशिक्षित भारतीय युवाओं को जापान में उच्च स्तरीय कौशल प्राप्त करने एवं वहाँ काम करने का अवसर प्रदान करने से संबंधित है। टीआईटीपी (TITP) के अन्तर्गत इन तीन लाख भारतीय युवाओं को तीन से पाँच वर्षों के लिए जापान भेजा जायेगा।

टीआईटीपी (TITP) से भारत एवं

जापान किस प्रकार लाभान्वित होंगे?

  • टीआईटीपी से जापान में युवा प्रशिक्षित कामगारों की कमी को पूरा किया जा सकेगा। ज्ञातव्य है कि जापान इन दिनों प्रशिक्षित युवा कामगारों की कमी की समस्या का सामना कर रहा है जबकि भारत के पास युवा कामगारों की विशाल संख्या मौजूद है।
  • जब भारत से जापान जाने वाले युवा कामगार तीन से पाँच वर्षों के बाद वापस भारत लौटेंगे तो अपने साथ एक बेहतर कुशल अन्तर्राष्ट्रीय कार्य संस्कृति के साथ-साथ बेहतर औद्योगिक प्रशिक्षण भी साथ में लेकर आयेंगे। इससे निश्चित तौर पर देश लाभान्वित होगा।

निष्कर्ष : निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि भारत एवं जापान के सम्बंधों में आई नजदीकी दोनों देशों को लाभान्वित करेगी। इस सम्बंध में वैश्विक एलएनजी बाजार सम्बंधी समझौता एवं टीआईटीपी दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

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