सोशल मीडिया के संबंध में बोट्स से तात्पर्य उन खातों से है जिन्हें सॉफ्टवेयर के माध्यम से संचालित किया जाता है। लोगों को लगता है कि ये एकाउंट्स उन लोगों के हैं जो वास्तव में सोशल मीडिया में सक्रिय हैं किंतु वास्तविकता यह होती है कि ये सारे एकाउंट्स फेक (Fake) होते हैं और इन्हें सॉफ्टवेयर के माध्यम से संचालित किया जाता है। सबसे बढ़कर बोट्स स्वयं ट्वीट और रीट्वीट करने में सक्षम होते हैं।
लोगों की आम राय बनाने में बोट्स किस प्रकार सहायक की भूमिका अदा करते हैं?
- बोट्स का इस्तेमाल अक्सर राजनताओं के द्वारा अपने पक्ष में माहौल निर्मित करने के उद्देश्य से किया जाता है। इनका जनहित से कोई विशेष सम्बंध नहीं होता है।
- उदाहरण के तौर पर, कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ‘एमिलियो फेरारा’ ने एक शोध् किया तथा पता लगाया कि वर्ष 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान चार लाख से अधिक बोट्स का प्रयोग किया गया।
- इन चार लाख सोशल बोट्स के द्वारा तकरीबन 40 लाख ट्वीट एवं रीट्वीट किये गये जिन्होंने अमेरिकी जनता की आम राय बनाने में अहम भूमिका अदा की।
- फ्रांस एवं जर्मनी में आयोजित चुनावों में भी बोट्स का इस्तेमाल किया गया। जिसके कारण जनता की आम राय निर्मित हुयी।
- इसी प्रकार ब्रेग्जिट के मामले में बोट्स काफी सक्रिय रहे थे। इन बोट्स के द्वारा ब्रेग्जिट के पक्ष में ट्वीट एवं रीट्वीट किये गये जबकि जनमत संग्रह के पश्चात् इन बोट्स की पहचान बदल दी गयी। यह जानकारी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के एक रिसर्च के माध्यम से सामने आयी है।
बोट्स को नियंत्रित करना क्यों आवश्यक है?
- बोट्स को नियंत्रित करना बहुत जरूरी है क्योंकि ये जनता की राय को गलत जानकारी प्रदान कर प्रभावित करते हैं तथा उन्हें गलत का समर्थन करने के लिए लामबंद करते हैं।
- लोकतंत्र में जनता की राय पर ही सरकारें अस्तित्व में आती हैं। यदि गलत राय से गलत सरकारें बनने लगीं तो लोकतंत्र का भविष्य ही संकट में पड़ जायेगा।
- बोट्स का इस्तेमाल साम्प्रदायिकता के प्रसार में भी किया जा सकता है जिससे भीषण दंगों की पृष्ठभूमि निर्मित हो सकती है। भारत जैसे बहुलतावादी समाज में साम्प्रदायिकता के प्रसार का प्रयास अक्सर किया जाता रहा है।
- इस प्रकार लोकतंत्र को मजबूती देने तथा आम जनता की सही राय निर्मित करने के उद्देश्य से बोट्स को नियंत्रित करना बहुत जरूरी है।
निष्कर्ष : निष्कर्षतः कहा जा सकता है बोट्स अवास्तविक एकाउंट्स है जिन्हें सॉफ्टवेयर के द्वारा ऑटोमैटिक रूप से संचालित किया जाता है। चूँकि ये जनता की वास्तविक राय को प्रभावित करते हैं तथा लोकतंत्र को दूषित करते हैं अतः इन्हें नियंत्रित किया जाना जरूरी है।