यह मामला प्रबंधन से संबंधित है जहाँ एक ओर फैक्ट्री में बलपूर्वक प्रवेश करने वाले लोगों की भीड़ का प्रबंधन करना है वहीं दूसरी ओर स्वयं कम्पनी के कर्मचारियों की भावनाओं का इस प्रकार से प्रबंधन करना है ताकि उनका मनोबल एवं उत्साह बना रह सके।
- उपद्रवी भीड़ के गेट के अंदर जबरन प्रवेश करने और कम्पनी परिसर के भीतर ध्रना देने की तारीख को कंपनी के सी.ई.ओ. के रूप में मेरे द्वारा इस प्रंचड स्थिति के निष्प्रभावन के लिए निम्न कदम उठाये जायेगें-
- सर्वप्रथम मेरे द्वारा उस उपद्रवी भीड़ को शांत कराने का प्रयास किया जायेगा तथा पूरी भीड़ से बात करने की अपेक्षा मैं उस भीड़ के नेतृत्वकर्ता से अपना पक्ष रखने को कहूँगा।
- भीड़ के पक्ष को सुनने के बाद मैं उस भीड़ के नेतृत्वकर्ता को स्पष्ट करुगाँ कि यदि उन्हें कम्पनी में नौकरी प्राप्त करनी है तो निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
- यदि मेरी इन बातों का भीड़ के ऊपर कोई प्रभाव नहीं पड़ता तो मैं कानून व व्यवस्था को बनाये रखने के लिए पुलिस का सहारा लूँगा। साथ ही उस राजनीतिक दल से शिकायत करूँगा जिससे यह भीड़ सम्बन्धित है।
- यदि सम्बन्धित राजनीतिक दल अपने इन सदस्यों के विरूद्ध समुचित कार्यवाही नहीं करता है तो मेरे द्वारा उस राजनीतिक दल के विरूद्ध भी शिकायत की जायेगी क्योंकि किसी पार्टी के नाम पर इस प्रकार का उपद्रव कानून के विरूद्ध है।
- इस मामले में चर्चित मुद्दे का दीर्घकालीन समाधान निम्न प्रकार से निकाला जा सकता है-
- भीड़ के गेट के अंदर प्रवेश कर जाने से स्पष्ट है कि गेट पर सुरक्षा का समुचित प्रबंध नहीं था अतः सर्वप्रथम गेट पर ऐसी व्यवस्था स्थापित करनी होगी ताकि कम्पनी प्रशासन की अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति भीतर न आ सके।
- गेट के आसपास एवं कम्पनी परिसर में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे स्थापित किये जाने चाहिए ताकि यदि कभी इस प्रकार की घटना की तैयारी हो तो शीघ्र ही कम्पनी प्रशासन को पता चल सके और समय रहते निष्प्रभावन के लिए समुचित कदम उठाये जा सकें।
- सबसे बढ़कर चूँकि कम्पनी में स्वयं 700 कर्मचारी कार्यरत हैं जिससे पता चलता है कि यह एक बड़ी कम्पनी है अतः सुरक्षा के संबंध में सरकारी प्रबंध भी किया जा सकता है। यदि सुरक्षा का सरकारी प्रबंध न हो सके तो स्वयं के खर्च पर किसी निजी सुरक्षा एजेन्सी से बात की जा सकती है।
मेरे द्वारा की गयी कार्यवाही तथा कार्यवाही के परिणाम :
- मेरे द्वारा सर्वप्रथम बातचीत के माध्यम से समस्या के निराकरण का प्रयास किया जायेगा ताकि शांतिपूर्ण ढंग से मामले का समाधान हो सके।
- यदि बातचीत के माध्यम से मामला हल हो जाता है तो इससे कम्पनी के कर्मचारियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। एक सी.ई.ओ. के रूप में आपकी दक्षता एवं प्रबंधन क्षमता को बल मिलेगा तथा कर्मचारियों के कार्य में अधिक समय तक व्यवधान भी नहीं आयेगा।
- यदि मामले का हल बातचीत से नहीं निकलता है तो मेरे द्वारा पुलिस एवं कानून प्रवर्तन अभिकरणों की मदद ली जायेगी।
- इस कदम से कर्मचारियों में सकारात्मक संदेश जायेगा कि कम्पनी गलत मांगों के आगे नहीं झुकती है तथा अपने कर्मचारियों की बाहरी उपद्रवी लोगों से रक्षा करने में सक्षम है।
- इस प्रकार एक सी.ई.ओ. के रूप में मेरे द्वारा मामले का उपयुक्त, तार्किक एवं कानूनसम्मत समाधान तलाशने का प्रयास किया जायेगा।