क्रियाविशेषण के भेद

3.            अर्थ के आधार पर-

               (क) स्थानवाचक क्रियाविशेषण 

               (ख) कालवाचक क्रियाविशेषण

               (ग) परिमाणवाचक क्रियाविशेषण।  

(क)        स्थानवाचक क्रियाविशेषण-जिस क्रियाविशेषण से स्थान और दिशा की सूचना मिलती है, उसे स्थानाचावक क्रियाविशेषण कहते है। उदा0-यहाँ, वहाँ, ऊपर, नीचे, दूर, पास, के पहले, भीतर, किधर, बाहर।

(ख)       कालवाचक क्रियाविशेषण-जिस क्रियाविशेषण से काल या समय की सूचना मिले, उसे कालवाचक क्रियाविशेषण कहते है। उदा0-जब, तब, तत्काल, शीघ्र, तत्पश्चात, तदन्तर, आज, अब, कब, निरन्तर, अभी, बाद, यदा-कदा, कल, कई बार।

(ग)        परिमाणवाचक क्रियाविशेषण-जिस क्रियाविशेषण से परिमाण का बोध हो, उसे परिमाणवाचक क्रियाविशेषण कहते है।

परिमाण क्रियाविशेषण पाँच प्रकार का होता है-

(क)    अधिकताबोधक ः     अधिक, खूब, बहुत, अतिशय, अत्यधिक

(ख)    न्यूनताबोधक   ः     थोड़ा, जरा, किंचित, कुछ, न्यूनतम, कम

(ग)    पर्याप्तबोधक   ः     बस, केवल, यथेष्ट, काफी

(घ)    तुलनाबोधक    ः     जितना, कितना, इतना, उतना, बढ़कर

(ड.)    श्रेणीबोधक     ः     क्रमशः, बारी-बारी, एक-एक

4.            रीतिवाचक क्रियाविशेषण-जिस क्रियाविशेषण से निश्चय, अनिश्चय, कारण, निषेध, आदि का बोध हो, उसे रीतिवाचक क्रियाविशेषण कहते है। यथा-ऐसे, वैसे, अवश्य, कदाचित, हाँ, ठीक, क्यों, अचानक, सहसा, वास्तव में, अतएव, क्योंकि, नहीं, कभी नही, कदापि नहीं, यथा तथा।

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