डच ईस्ट इंडिया कंपनी का भारत आगमन तथा इसका अंत कैसे हुआ?

पुर्तगालियों के बाद भारत में जिस ईस्ट इंडिया कंपनी का आगमन हुआ वह डच ईस्ट इंडिया कंपनी थी।
डच हॉलैंड या नीदरलैंड के निवासियों को कहा जाता है।
उसकी राजधानी एम्सडरटम और मुद्रा गिल्डर है।
इसने भारत में १६०५ ईस्वी में कोरोमंडल क्षेत्र में स्थित मुसलीपटनम(आंध्रप्रदेश) में अपनी पहली फैक्ट्री की स्थापना की।
डचो ने १६१० ईस्वी में चंद्रगिरि के शासक के साथ एक समझौता कर पुलीकट (मद्रास) में एक फैक्ट्री की स्थापना की और उसे अपना मुख्यालय बनाया।
बंगाल में चिनसुरा उसकी गतिविधियों का मुख्य केंद्र था।
सूरत और कालीकट पर भी उसने अपना अधिकार स्थापित किया।
भारत में अपने प्रभुत्व की स्थापना को लेकर जल्द ही अंग्रेजो और डचो संघर्ष की शुरूआत हो गई। 
जिसका अंत सन १७५९ ईस्वी के वेदरा (पश्चिम बंगाल) के युद्ध में हुआ। जिसमें कर्नल फोर्ड के नेतृत्व में अंग्रेजो ने डचो को पूर्ण रूप से पराजित कर दिया।
इस प्रकार डचो का भारत में अंत हो गया।
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