भूतकाल के छः भेद हैं-
(1) सामान्य भूतकाल
(2) आसन्न भूतकाल
(3) अपूर्ण भूतकाल
(4) पूर्ण भूतकाल
(5) संदिग्ध भूतकाल
(6) हेतु-हेतुमद् भूतकाल
(1) सामान्य भूतकाल : जहाँ क्रिया बीते हुए समय में हुई हो, वहाँ सामान्य भूतकाल होता हैं। जैसे-मोहन चला गया। मेरे पिताजी आ गए। रामू ने चित्र. बनाया।
(2) आसन्न भूतकाल : क्रिया का वह रूप जिससे कार्य के अभी-अभी समाप्त होने का पता चले, उसे असन्न भूतकाल कहते है। जैसे-सीमा ने पौधों को पानी दिया है। सुमन बाजार से आ गया।
(3) अपूर्ण भूतकाल : जिन शब्दों से यह पता चले कि काम भूतकाल में शुरू हो चुका था और अभी समाप्त नहीं हुआ है, उसे अपूर्ण भूतकाल कहते हैं। जैसे-दादी पूजा कर रही थी। माता जी खाना खा रही थी।
(4) पूर्ण भूतकाल : क्रिया के जिस रूप से कार्य भूतकाल में ही पूर्ण हो चुका था, उसे पूर्ण भूतकाल कहते हैं। जैसे- मंत्री भाष्याण दे चुके थे। सीमा खाना खा चुकी थी। मोहन जा चुका था।
(5) संदिग्ध भूतकाल : जिन क्रिया पदों से कार्य के पूरा होने में संदेह हो, वे संदिग्ध भूतकाल कहलाते हैं। जैसे-शिक्षक ने पाठ पढ़ा लिया होगा। मोहन ने गृहकार्य कर लिया होगा। माँ ने खाना खा लिया होगा।
(6) हेतु-हेतुमद् भूतकाल : जिन क्रिया पदों से भूतकाल में कार्य होने का संकेत तो मिलता है, परन्तु किसी कारण से कार्य हो नहीं पाया, उसे हेतु-हेतुमद् भूतकाल कहते हैं। जैसे-अगर धूप आती तो गर्मी बढ़ जाती। अगर मेहनत करते तो सफल हो जाते। यदि समय पर आते तो बस नहीं छूटती।