भविष्यत् काल के भेद

भविष्यत्काल दो प्रकार के होते है-

(1)          सामान्य भविष्यत् काल

(2)          संभाव्य भविष्यत्काल

(1)          सामान्य भविष्यत् काल : क्रिया के जिस रूप से आने वाले समय में कार्य होने का बोध हो, उसे सामान्य भविष्यत् काल कहते हैं। जैसे-पिताजी मिठाई लायेंगे। कल स्कूल बन्द रहेगा। मैं कल खरीदारी करने जाऊँगा।

(2)          संभाव्य भविष्यत्काल : क्रिया के जिस रूप में आने वाले समय में कार्य के पूर्ण होने में संदेह हो, उसे संभाव्य भविष्यत् काल कहते हैं। जैसे-कल हम शायद शादी में जायेंगे। संभव है आज कार्यालय खुला है।

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