विराम चिह्न और इनके प्रयोग

विराम चिह्न और इनके प्रयोग

               लेखक के भाव और विचारों को स्पष्ट करने के लिए जिन चिह्नों का प्रयोग वाक्य में किया जाता है, उन्हें विराम चिह्न कहते है। विराम का शाब्दिक अर्थ होता है- ‘ठहराव’।

               वाक्य के सुन्दर गठन और भावाभिव्यक्ति की स्पष्टता के लिए विराम चिह्नों की आवश्यकता और उपयोगिता मानी गई है।

               प्रत्येक विराम चिह्न लेखन में लेखक की विशेष मनोदशा का परिचायक होता है। वह उसके ठहराव का संकेत स्थल है। हिन्दी में प्रयुक्त प्रमुख विराम चिह्न-

               हिन्दी में मुख्यतः निम्नलिखित विराम चिह्न का प्रयोग होता है-

1             अर्द्ध विराम (;):  यदि वाक्य का वाक्यांश के साथ दूसरे वाक्य या वाक्यांश का दूर का सम्बन्ध बतलाना हो, तो वहाँ अर्द्ध विराम का प्रयोग होता है। उदाहरण - (1) यह एक धूर्त आदमी है; ऐसा उसके मित्र भी मानते है। (2) यह घड़ी अधिक दिनों तक नहीं चलेगी; यह सस्ती है।

2.            पूर्ण विराम (।): पूर्ण विराम का अर्थ है-पूरी तरह ठहरना या रूकना। जहाँ पर वाक्य की क्रिया अन्तिम रूप ले ले, विचार प्रवाह एक दम टूट जाये, वहाँ पूर्ण विराम का प्रयोग होता है।

3.            अल्पविराम (,) : अल्पविराम का शाब्दिक अर्थ है- थोड़ी देरे के लिए रूकना या ठहरना। हिन्दी में प्रयुक्त सभी विराम चिन्हों में अल्पविराम का प्रयोग सबसे अधिक होता है।

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