हाल के समय में ‘नासा’ (NASA) का कैसिनी मिशन काफी चर्चा में रहा है क्योंकि ‘कैसिनी’ अंतरिक्ष यान को 20 वर्षों के पश्चात सितम्बर 2017 में शनि के वातावरण में शामिल कर नष्ट कर दिया गया। इस मिशन ने 20 वर्षों तक महत्वपूर्ण सूचनाएँ प्रदान की। ज्ञातव्य है कि कैसिनी अंतरिक्ष यान को अक्टूबर 1997 में लांच (Launch) किया गया था।
उल्लेखनीय है कि ‘कैसिनी’ अपने साथ ‘हाइगेन्स’ यान को भी साथ लेकर गया था। ‘हाइगेन्स’ यान को यूरोपियन अंतरिक्ष एजेन्सी के द्वारा ‘नासा’ को दिया गया था। यही कारण है कि कैसिनी मिशन को ‘कैसिनी-हाइगेन्स’ के नाम से भी जाना जाता है।
‘कैसिनी हाइगेन्स’ की प्रमुख उपलब्धियाँ :
- कैसिनी मिशन ने अपने 20 वर्षों की कार्यावधि् में शनि ग्रह एवं उसके वलयों के संबंध में कईं महत्वपूर्ण जानकारियाँ भेजी जिनसे वैज्ञानिकों को शोध में मदद प्राप्त होगी।
- ‘कैसिनी’ के द्वारा शनि ग्रह के उपग्रह टाइटन के दक्षिणी ध्रुव से 300 किमी की ऊँचाईं पर एक बर्फ के बादल की खोज की गयी जिससे वहाँ जल की उपस्थिति की संभावना को बल मिला।
- इस अभियान से शनि ग्रह के वायुमंडल के संघटन के बारे में अहम जानकारी प्राप्त हुई। साथ ही शनि के वलयों (Rings) के आकार एवं उम्र के बारे में भी जानकारी प्राप्त हुई।
- ‘कैसिनी’ के माध्यम से ही वैज्ञानिकों को जानकारी प्राप्त हुयी कि शनि ग्रह के वलय किस प्रकार गतिशील होते थे और लगातार परिवर्तित होते थे।
- सबसे बढ़कर ‘कैसिनी’ मिशन के कारण ही शनि के सभी उपग्रहों के बारे में जानकारी प्राप्त हो सकी है। ‘टाइटन’ एवं ‘एन्सेलेड्स’ जैसे शनि के उपग्रहों ने खगोल वैज्ञानिकों को शोध के लिए आकर्षित किया है।
शनि ग्रह के अतिरिक्त अन्य ग्रहों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने में ‘कैसिनी’ किस प्रकार महत्वपूर्ण है?
- ‘कैसिनी’ को मूलतः शनि ग्रह के अध्ययन के लिए भेजा गया था किंतु इसके द्वारा अन्य ग्रहों के बारे में भी अहम जानकारियाँ उपलब्ध करायी गयीं। इसका कारण यह था कि ‘कैसिनी’ अपनी यात्र के दौरान कईं अन्य ग्रहों के नजदीक से गुजरा था।
- कैसिनी’ ने अपनी यात्र के दौरान बृहस्पति, पृथ्वी एवं शुक्र ग्रह के साथ-साथ फोबे, एन्सेलेड्स जैसे उपग्रहों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रेषित की।
- सबसे बढ़कर ‘कैसिनी’ मिशन के द्वारा महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइन्सटीन के ‘सापेक्षता सिद्धांत’ का भी खगोलीय परीक्षण किया गया जिससे सिद्धांत को समझने में वैज्ञानिकों को मदद मिलेगी।
निष्कर्ष : निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि नासा के ‘कैसिनी’ मिशन ने शनि ग्रह के संबंध में अहम जानकारियाँ प्रदान की है जिससे वैज्ञानिकों को शोध कार्य में महत्वपूर्ण मदद मिली है। साथ ही ‘कैसिनी’ के द्वारा अन्य ग्रहों एवं उपग्रहों के बारे में भी जानकारी उपलब्ध करायी गयी है।