जल क्रांति अभियान 2015-16 से संचालित किया जा रहा है। इसके तहत जल प्रबंधन एवं जल संरक्षण को ठोस स्वरूप प्रदान किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इस अभियान के अंतर्गत सभी हितभागियों को शामिल कर एक समग्र एवं समेकित दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है ताकि इसे एक जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया जा सके।
जल क्रांति अभियान के प्रमुख उद्देश्य :
- जल संरक्षण एवं विकास कार्यक्रमों में पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों सहित निचले स्तर पर सभी हितभागियों की भागीदारी सुदृढ़ करना।
- जल संरक्षण के संबंध में पुराने परंपरागत उपायों को अपनाना तथा इन्हें बढ़ावा देना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा के जरिए आजीविका सुरक्षा में वृद्धि करना।
- जल क्रांति अभियान का क्रियान्वयन जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रलय के द्वारा किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर इसकी निगरानी विशेष सचिव तथा राज्य के स्तर पर राज्य सरकार के प्रधान सचिव के द्वारा की जा रही है।
जल क्रांति अभियान के तहत संचालित की जाने वाली प्रमुख गतिविधियाँ :
- जल क्रांति अभियान के तहत ‘जल ग्राम योजना’ को संचालित किया जा रहा है। ‘जल ग्राम योजना’ के अंतर्गत प्रत्येक जिले से दो गाँवो का चयन किया जाता है। इन दो गाँवों में जल संरक्षण संबंधी समग्र गतिविधियों को संचालित किया जाता है।
- इसी प्रकार इसके तहत ‘मॉडल कमान एरिया विकास’ कार्यक्रम को भी संचालित किया जा रहा है। इसके तहत किसी भी राज्य में तकरीबन 1000 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान एक मॉडल कमान एरिया के रूप में की जायेगी।
- जल क्रांति अभियान के अंतर्गत राज्यों को प्रेरित किया जा रहा है कि वे राष्ट्रीय जल नीति, 2012 के अंतर्गत ‘राज्य जल नीति’ तैयार करें।
- सबसे बढ़कर जल क्रांति अभियान के अंतर्गत व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन भी किया जा रहा है। इसके लिए रेडियो, टेलीविजन के साथ-साथ फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया माध्यमों का भी सहारा लिया जा रहा है।
निष्कर्ष : निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि जल क्रांति अभियान जल संरक्षण एवं विकास की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत समस्त हितभागियों को शामिल करके एक समग्र एवं समेकित दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है।