हिन्द महासागरीय क्षेत्र में अपनी स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए भारतीय नौसेना के द्वारा ‘रेडी वॉरशिप’ मिशन प्रारंभ किया गया है। इस ‘रेडी वॉरशिप’ मिशन के अंतर्गत हिन्द महासागरीय क्षेत्र में युद्धपोतों एवं लड़ाकू विमानों को तैनात किया जा रहा है। ज्ञातव्य है कि चीन लगातार समुद्री क्षेत्र में भारत को घेरने का प्रयास कर रहा है।
भारतीय नौ-सेना के ‘रेडी वॉरशिप’ मिशन के प्रमुख उद्देश्य :
- ‘रेडी वॉरशिप’ मिशन का प्रमुख उद्देश्य हिन्द महासागर क्षेत्र की सघन निगरानी करना है ताकि इस क्षेत्र में समुद्री डाकुओं के खतरे से निपटने के साथ-साथ अन्य खतरों को नियंत्रित किया जा सके। इसके तहत आपदा राहत को भी शामिल किया गया है।
- हिन्द महासागरीय क्षेत्र की सघन निगरानी एवं किसी भी समस्या से निपटने हेतु त्वरित प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए पूरे वर्ष के दौरान युद्धपोतों एवं संचार के महत्वपूर्ण साधनों का इस्तेमाल किया जायेगा।
- इसके लिए भारतीय नौसेना के द्वारा दर्जन भर से अधिक युद्धपोतों को तैनात किया गया है तथा निगरानी के लिए ‘रूक्मणी’ नामक नेवल सेटेलाइट (Naval Satellite) की सहायता ली जायेगी।
- ‘रेडी वॉरशिप’ मिशन के अतिरिक्त भारतीय नौसेना ‘विजन सागर’ नामक सामरिक पहल पर भी काम कर रही है। ज्ञातव्य है कि ‘विजन सागर’ के अंतर्गत भारतीय नौसेना अन्य देशों के साथ मिलकर हिन्द महासागरीय क्षेत्र की सुरक्षा को पुख्ता बनाने में संलग्न है।
हाल ही में शामिल किये गये ‘आईएनएस किलटान’ से भारतीय नौसेना को किस प्रकार मजबूती मिलेगी?
- हाल ही में ‘आईएनएस किलटान’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। इससे नौसेना की शक्ति में काफी वृद्धि हुई है क्योंकि यह युद्धपोत पनडुब्बी को नष्ट करने में सक्षम है।
- उल्लेखनीय है कि ‘आईएनएस किलटान’ कमोर्ता श्रेणी के चार युद्धपोतों में से तीसरा युद्धपोत है।
- ‘युद्धपोत किलटान’ एक ऐसे अंडरवॉटर ध्वनि प्रणाली से युक्त है जिससे यह बड़ी आसानी से पानी के भीतर से ही दुश्मन के युद्धपोत या पनडुब्बी को पहचान लेता है और उसे नष्ट कर देता है।
- ‘आईएनएस किलटान’ को कार्बन फाइबर से बनाया गया है ताकि इसका वजन कम रखा जा सके। वजन के कम होने के कारण इसे तेज गति प्रदान करना आसान हो गया है। ज्ञातव्य है कि यह 46 किमी प्रति घंटें की रफ्तार से चल सकता है।
- सबसे बढ़कर यह युद्धपोत अत्याधुनिक प्रणाली से युक्त है जिसके कारण दुश्मन के राडार इसे नही पकड़ सकते हैं। इस प्रकार ‘आईएनएस किलटान’ ने नौसेना की शक्ति को काफी अधिक बढ़ा दिया है।
निष्कर्ष : निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि भारतीय नौसेना का ‘रेडी वॉरशिप’ मिशन हिन्द महासागरीय क्षेत्र की समग्र सुरक्षा एवं निगरानी से संबंधित है। ‘आईएनएस किलटान’ जैसे युद्धपोत भारतीय नौसेना के ‘रेडी वॉरशिप’ मिशन को सशक्तता प्रदान करते हैं।