हाल ही में फिलीपींस की राजधानी मनीला में 31वें आसियान शिखर सम्मेलन के साथ 15वें भारत-आसियान शिखर सम्मेलन एवं 12वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। ज्ञातव्य है कि भारत-आसियान के साथ-साथ पूर्वी एशियाई देशों के साथ मजबूत संबंधों का पक्षधर है। यही कारण है कि इस क्षेत्र के देशों के साथ संबंधों को नवीन आयाम प्रदान करने के लिए भारत ने अपनी ‘लुक ईस्ट पॉलिसी’ को ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ में परिवर्तित किया है।
भारत-आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री ने जहाँ एक ओर आसियान देशों के राष्ट्राध्यक्षों एवं पूर्वी एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मित्रता एवं द्विपक्षीय संबंधों को नयी मजबूती दी वहीं उन्होंने पाकिस्तान को निशाने पर लिया और कहा कि वह आतंकवाद को प्रश्रय प्रदान कर रहा है। साथ ही उन्होंने दक्षिण चीन सागर में दावा करने वाले चीन को भी संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि भारत हिन्द प्रशांत क्षेत्र में नियमों पर आधारित क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था को स्थापित करवाने के पक्ष में है।
आसियान एवं पूर्वी एशियाई क्षेत्र भारत के लिए सामरिक रूप से किस प्रकार महत्वपूर्ण है?
- हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में नियम आधारित क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थापना के लिए आवश्यक है कि भारत एवं आसियान तथा पूर्वी एशियाई देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग हो।
- भारत अपनी ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ (Act East Policy) के तहत इस क्षेत्र के देशों के साथ संबंधों को नया आयाम प्रदान कर रहा है।
- उल्लेखनीय है कि हालिया भारत-आसियान शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री ने आसियान के राष्ट्राध्यक्षों के साथ-साथ जापान एवं आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्रियों से भी मुलाकात की।
- भारत हिन्द प्रशांत क्षेत्र में चीन के एकाधिकारवादी रवैये को नियंत्रित करना चाहता है। यही कारण है कि भारत मालाबार अभ्यास में आस्ट्रेलिया को जल्द से जल्द शामिल करना चाहता है। ज्ञातव्य है कि मालाबार अभ्यास भारत, जापान एवं अमेरिका की नौसेनाओं के बीच होने वाला वार्षिक अभ्यास है।
आसियान एवं पूर्वी एशियाई क्षेत्र भारत के लिए आर्थिक रूप से किस प्रकार महत्वपूर्ण है?
- आसियान एवं पूर्वी एशियाई देशों में भारत के लिए एक बड़ा बाजार है। साथ ही ये देश पूँजी एवं तकनीकी में भी सम्पन्न है अतः भारत में इनके लिए निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध है।
- आसियान भारत का चौथा बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2015-16 में दोनों पक्षों के मध्य 65 अरब डॉलर का व्यापार हुआ जो 2016-17 में बढ़कर 70 अरब डॉलर हो गया है।
- पूर्वी एशियाई क्षेत्र में स्थित सिंगापुर एवं जापान जैसे देशों के साथ भारत के घनिष्ठ संबंध है। इन दोनों देशों के द्वारा तकनीकी आदान-प्रदान एवं वित्तीय निवेश के मामले में भारत के साथ व्यापक भागीदारी की जा रही है।
निष्कर्ष : निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि भारत-आसियान संबंध एवं भारत-पूर्वी एशियाई देशों के बीच संबंध भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के प्रमुख आधार स्तंभ है। आसियान एवं पूर्वी एशियाई क्षेत्र भारत के लिए सामरिक एवं आर्थिक रूप से अहम स्थान रखता है।