सिविल सेवा के संदर्भ में निम्नलिखित शब्दावलियों की प्रासंगिकता का परीक्षण कीजिए- (a) पारदर्शिता (b) जवाबदेही (c) निष्पक्षता (d) दृढ़ विश्वास का साहस (e) सेवा भाव।

सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सिविल सेवकों के ऊपर होती है। सिविल सेवक विशाल सार्वजनिक निधियों के संबंध में निर्णय लेते हैं तथा आम जनता को अपनी सेवायें उपलब्ध कराते हैं। यही कारण है कि सिविल सेवकों में पारदर्शिता, जवाबदेही, निष्पक्षता एवं न्याय, दृढ़ विश्वास का साहस तथा सेवा भाव जैसे गुणों का होना आवश्यक है।

  1. पारदर्शिता- पारदर्शिता से तात्पर्य खुलेपन से है अर्थात गोपनीयता के स्थान पर एक ऐसी व्यवस्था स्थापित करना जहाँ तक आम लोगों की पहुँच आसान हो। प्रशासन में पारदर्शिता को अपनाने से आम लोगों एवं प्रशासन के बीच दूरी कम होती है तथा प्रशासन में लोगों का विश्वास बढ़ता है। सबसे बढ़कर पारदर्शिता, भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने में अहम भूमिका अदा करती है। पारदर्शिता के संबंध में सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई अधिनियम) का उदाहरण महत्वपूर्ण है। ज्ञातव्य है कि वर्ष 2005 के आरटीआई अधिनियम ने देश में पारदर्शिता के एक नवीन युग की शुरूआत की है।
  2. जवाबदेही- जवाबदेही से तात्पर्य उत्तरदायित्व से है। जब एक व्यक्ति को किसी कार्य के क्रियान्वयन की सम्पूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो इस कार्य को सम्पन्न कराने का पूरा उत्तरदायित्व उसी व्यक्ति पर आ जाता है। इस प्रकार जवाबदेही से न सिर्फ क्रियान्वयन में सुधार आता है बल्कि इससे इच्छित परिणाम की प्राप्ति भी संभव होती है।
  3. निष्पक्षता तथा न्याय- निष्पक्षता तथा न्याय से तात्पर्य इस प्रकार निर्णय लेने से है जिसके तहत व्यक्ति तथा वस्तु के गुण एवं दोषों को ही देखा जाता है। निष्पक्षता एवं न्याय के अंतर्गत किसी पूर्व धरणा से ग्रस्त होकर निर्णय नहीं लिया जाता है। एक निष्पक्ष तथा न्यायी सिविल सेवक किसी व्यक्ति एवं वस्तु के संबंध में जाति, धर्म, लिंग एवं क्षेत्र आदि जैसे मुद्दों से परे रहकर निर्णय लेता है। इसका निर्णय सिर्फ गुणों एवं अवगुणों पर निर्भर करता है।
  4. दृढ़ विश्वास का साहस- दृढ़ विश्वास के साहस से तात्पर्य अपने द्वारा लिए गए सही निर्णयों पर तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों के मौजूद होने पर भी अडिग रहने से है। सिविल सेवकों को अपने दैनिक प्रशासन संबंधी उत्तरदायित्वों के निर्वहन में अनेक प्रकार की स्थितियों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी सिविल सेवकों के ऊपर अनुचित कार्यों को करने के लिए दबाव बनाया जाता है तथा प्रलोभन आदि दिये जाते हैं। कुछ मामलों में तो जान से मारने एवं बदनाम करने की धमकी भी दी जाती है। किंतु एक निष्पक्ष दृढ़ एवं साहसी सिविल सेवक अपने कर्त्तव्यों के प्रति अडिग रहता है और वही कार्य करता है जो नैतिक एवं उचित होता है। सिविल सेवक में मौजूद इन्हीं गुणों को दृढ़ विश्वास का साहस कहते हैं।
  5. सेवा भाव- सेवा भाव से तात्पर्य ऐसी भावना से है जिसके तहत कोई व्यक्ति स्वयं को दूसरों की सेवा के लिए अर्पित कर देता है ताकि उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके। उदाहरण के तौर पर, जब एक सिविल सेवक गरीबों एवं वंचितों तक सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों को पहुँचाने एवं उन्हें लाभान्वित करने में जी-जान लगा देता है तो सिविल सेवक के इस गुण को सेवा भाव माना जायेगा।

निष्कर्ष : निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि सिविल सेवा के वास्तविक उद्देश्यों की प्राप्ति के संदंर्भ में पारदर्शिता, जवाबदेही, निष्पक्षता तथा न्याय, दृढ़ विश्वास के साहस एवं सेवा भाव की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

Posted on by