आप किसी संगठन के मानव संसाधन विभाग के अध्यक्ष हैं। एक दिन कर्मचारियों में से एक का ड्यूटी करते हुए देहांत हो गया। उसका परिवार मुआवजे की मांग कर रहा था किंतु कंपनी ने इस कारण से मुआवजा देने से इंकार कर दिया है क्योंकि कंपनी की जाँच द्वारा ज्ञात हुआ कि कर्मचारी दुर्घटना के समय नशे में था। कंपनी के कर्मचारी मृतक कर्मचारी के परिवार को मुआवजा देने की मांग करते हुए हड़ताल पर चले गये। प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष ने आपसे इस संबंध में सलाह देने को कहा। प्रबंधन मंडल को आप क्या सलाह देंगे? अपनी दी गई सलाहों में से प्रत्येक के गुणों और दोषों की चर्चा कीजिए।

प्रस्तुत मामला कंपनी एवं कर्मचारी संबंधों के बीच द्वंद्व पर आधारित है। एक ओर जहाँ मृतक कर्मचारी के परिजन एवं कंपनी के अन्य कर्मचारी मुआवजे की माँग कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर कंपनी मृतक कर्मचारी के परिजनों के इसलिए मुआवजा नहीं देना चाहती क्योंकि मृतक कर्मचारी नशे में था।

इस मामले में समाधन के लिए कंपनी के प्रबंधन मंडल को मेरे द्वारा निम्न सलाह दी जायेगी-

  1.  मेरे द्वारा प्रथम सलाह यह दी जायेगी कि कंपनी कर्मचारियों से बात कर उन्हें तात्कालिक रूप से शांत करे ताकि कंपनी के दैनिक क्रियाकलापों पर कोई दुष्प्रभाव न पड़े।

गुण- इससे कर्मचारियों के मन में कंपनी के प्रति विश्वास बढ़ेगा और कंपनी के दैनिक क्रियाकलाप पर भी कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा।

अवगुण- इससे कंपनी के कर्मचारियों को लग सकता है कि कंपनी उनकी माँग के समक्ष झुक रही है अतः दबाव देकर अपनी बात मनवायी जा सकती है।

  1.  चूँकि कर्मचारी नशे में था अतः मेरे द्वारा दूसरी सलाह यह दी जायेगी कि कंपनी मृतक कर्मचारी के परिजनों को आधे मुआवजे का भुगतान करें।

गुण- इससे मुआवजे की माँग को लेकर चल रहा विरोध शांत हो सकता है तथा कर्मचारियों में यह संदेश भी जायेगा कि यदि वे गलती करते हैं तो कंपनी को पूरी तरह से उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है।

अवगुण- चूँकि मुआवजे की माँग से कर्मचारियों के हित जुड़े हुए हैं अतः वे आधे मुआवजे को लेने से इंकार कर विरोध प्रदर्शन जारी रख सकते हैं।

  1.  मेरे द्वारा तीसरी सलाह यह दी जायेगी कि कंपनी मृतक कर्मचारी के परिजनों को पूरा मुआवजा प्रदान करें। साथ ही इस संबंध में एक विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करें।

गुण- इस कदम से हड़ताल एवं विरोध को पूरी तरह से शांत करने में मदद मिलेगी। साथ ही कर्मचारियों का कंपनी प्रबंधन पर विश्वास बढ़ेगा। सबसे बढ़कर इससे कंपनी एवं कर्मचारियों के बीच सुखद एवं सौहार्द्रपूर्ण संबंधों की पुनर्स्थापना में मदद मिलेगी।

अवगुण- इस कदम से कंपनी प्रबंधन को कमजोर माना जायेगा क्योंकि कंपनी ने एक प्रकार से मृतक कर्मचारी की गलती को नजरअंदाज कर हड़ताली कर्मचारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।

उपर्युक्त दी गयी सलाहों के गुणों एवं अवगुणों पर पूर्णतः विचार करने के पश्चात् कंपनी को मेरी निर्णायक सलाह यह होगी कि मृतक कर्मचारी के परिजनों को पूरा मुआवजा दे दिया जाये।

मेरी निर्णायक सलाह के पीछे निम्नलिखित कारण हैं-

  • ज्ञातव्य है कि मृतक कर्मचारी शराब के नशे में था अतः उसने गलती की थी किंतु यहाँ कंपनी की गलती को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
  • यदि कंपनी के पास सुरक्षा जाँच संबंधी समुचित व्यवस्था होती तो मृतक कर्मचारी के नशे में होने की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। आजकल ‘ब्रीथ एनालाइजर’ (Breath Analyzer) के माध्यम से बहुत ही आसानी से पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति ने नशा किया है या नहीं।

साथ ही मेरे द्वारा कंपनी को यह भी सलाह दी जायेगी कि वह एक विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करे और उस पर सभी कर्मचारियों की सहमति प्राप्त करे। इससे भविष्य में होने वाली इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकेगा तथा कंपनी को किसी अनुचित माँग के समक्ष झुकना भी नहीं पड़ेगा।

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